PM Modi and Shah Meet Murmu: उपराष्ट्रपति या फिर संसद में कोई बड़ा बिल..? अचानक राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मिलने पहुंचे PM मोदी और अमित शाह, सियासी गलियारों में अटकलें तेज

उपराष्ट्रपति या फिर संसद में कोई बड़ा बिल..? PM Modi and Shah Meet Murmu Union Home Minister Amit Shah met President Murmu

PM Modi and Shah Meet Murmu: उपराष्ट्रपति या फिर संसद में कोई बड़ा बिल..? अचानक राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मिलने पहुंचे PM मोदी और अमित शाह, सियासी गलियारों में अटकलें तेज

PM Modi and Shah Meet Murmu:

Modified Date: August 4, 2025 / 12:00 am IST
Published Date: August 3, 2025 7:35 pm IST
HIGHLIGHTS
  • चंद घंटों के भीतर दो शीर्ष नेताओं की मुलाकात
  • राजनीतिक हलचल तेज, निकाले जा रहे कई मायने

नई दिल्लीः PM Modi and Shah Meet Murmu: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की। यह बैठक प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के राष्ट्रपति से मुलाकात के कुछ घंटों बाद हुई। प्रधानमंत्री और गृह मंत्री की राष्ट्रपति से मुलाकातों के पीछे के कारणों का पता नहीं चल पाया है। राष्ट्रपति भवन ने ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा, ‘‘केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की।’’ हालांकि दोनों नेताओं के इस मुलाकात को लेकर कई तरह के दावे किए जा रहे हैं।

कुछ घंटों के अंतर से इन दोनों नेताओं का राष्ट्रपति से मिलना बेहद असामान्य माना जा रहा है। राजनीत‍ि पर नजर रखने वाले मान रहे हैं क‍ि सरकार कोई बड़ा फैसला लेने पर विचार कर रही है। ये भी हो सकता है क‍ि सदन में कोई बड़ा बिल आने वाला हो। ये भी हो सकता है क‍ि ज‍िस तरह उपराष्‍ट्रपत‍ि पद से जगदीप धनखड़ की विदाई हुई, उसे लेकर कोई बात हो। सरकार की ओर से इस पर कोई बयान नहीं आया है, लेकिन इतना तय है क‍ि कुछ बड़ी हलचल हो रही है।


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क्यों अहम यह मुलाकात?

PM Modi and Shah Meet Murmu: पीएम मोदी और अमित शाह की राष्ट्रपति के साथ हुई इस अहम मुलाकात के कई मायने निकाले जा रहे हैं। इसे इसलिए भी अहम करार दिया जा रहा, क्योंकि इस समय संसद का मॉनसून सत्र चल रहा है और विपक्ष बिहार में एसआईआर और चुनाव आयोग के मामले में लगातार केंद्र सरकार पर हावी है। बिहार में विधानसभा चुनाव से पहले चुनाव आयोग द्वारा एसआईआर की प्रक्रिया चल रही है, जिसमें वोटरों का विशेष गहन पुनरीक्षण चल रहा है। बिहार में महागठबंधन इसके खिलाफ है और आरोप लगा रहा है कि चुनाव में विपक्ष को पड़ने वाले वोटों को जानबूझकर काटा जा रहा है। हालांकि, चुनाव आयोग ने इससे इनकार किया है।

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क्या उपराष्ट्रपति चुनाव तो वजह नहीं?

इसके अलावा, जगदीप धनखड़ के अचानक इस्तीफे के बाद अब उपराष्ट्रपति चुनाव होने वाला है। चुनाव आयोग ने इसके लिए हाल ही में तारीख का भी ऐलान कर दिया है। ऐसे में पीएम मोदी और शाह के राष्ट्रपति से मिलने के पीछे एक यह वजह भी बताई जा रही है। हालांकि, आधिकारिक तौर पर अभी कुछ नहीं कहा गया है। वहीं, अटकलें यह भी लगाई जा रही हैं कि पांच अगस्त की तारीख आने वाली है। मोदी सरकार में पांच अगस्त की तारीख का अपना अलग महत्व रहा है। 5 अगस्त, 2019 को ही जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल-370 हटाया गया था और फिर जम्मू-कश्मीर व लद्दाख को दो अलग-अलग केंद्र शासित प्रदेशों में बांट दिया गया। इसके बाद, पांच अगस्त, 2020 में पीएम मोदी ने अयोध्या में राम मंदिर के लिए भूमि पूजन करके आधारशिला रखी थी।


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सवाल आपका है.. पत्रकारिता के माध्यम से जनसरोकारों और आप से जुड़े मुद्दों को सीधे सरकार के संज्ञान में लाना मेरा ध्येय है। विभिन्न मीडिया संस्थानों में 10 साल का अनुभव मुझे इस काम के लिए और प्रेरित करता है। कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रानिक मीडिया और भाषा विज्ञान में ली हुई स्नातकोत्तर की दोनों डिग्रियां अपने कर्तव्य पथ पर आगे बढ़ने के लिए गति देती है।