प्रधानमंत्री मोदी ने कश्मीरी पंडितों की सम्मानजनक वापसी के लिए प्रतिबद्धता जताई है: सिन्हा
प्रधानमंत्री मोदी ने कश्मीरी पंडितों की सम्मानजनक वापसी के लिए प्रतिबद्धता जताई है: सिन्हा
जम्मू, 19 फरवरी (भाषा) जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने बृहस्पतिवार को कहा कि कश्मीरी पंडित समुदाय की पूरी गरिमा और सुरक्षा के साथ घाटी में वापसी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा किया गया एक वादा है।
उपराज्यपाल ने इस बात पर जोर दिया कि जम्मू-कश्मीर में आतंकी तंत्र ने सच्चाई को दबाने की कोशिश की, लेकिन आतंक फैलाने वाले और पीढ़ियों की आत्माओं पर प्रहार करने वाले आतंकवादियों और उनके समर्थक नेटवर्क को कभी माफ नहीं किया जाएगा और न ही भुलाया जाएगा।
प्रोफेसर अशोक कौल द्वारा लिखित पुस्तक ‘कश्मीर-नेटिविटी रीगेन्ड’ के विमोचन समारोह को संबोधित करते हुए सिन्हा ने कहा, ‘‘कश्मीरी पंडितों की पूर्ण गरिमा और सुरक्षा के साथ वापसी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की प्रतिबद्धता है।’’
उन्होंने कहा कि 2019 के बाद से जम्मू-कश्मीर में महत्वपूर्ण परिवर्तन हुए हैं। उन्होंने कहा, ‘‘केंद्र शासित प्रदेश के लोगों के सपनों और भविष्य को नष्ट करने की शत्रु की नापाक साजिश को निर्णायक रूप से विफल कर दिया गया है। अथक प्रयासों से इस भूमि की प्राचीन महिमा को पुनर्स्थापित किया गया है और विकास को गति दी गई है। बहुत जल्द, यह धरती आतंकवाद के प्रकोप से पूरी तरह मुक्त हो जाएगी।’’
उपराज्यपाल ने कहा, ‘‘मैं कश्मीरी पंडित समुदाय के अदम्य साहस को सलाम करता हूं। विस्थापित प्रत्येक परिवार अपने भीतर कश्मीर की जीवंत चिंगारी लिए हुए था। संघर्ष और कठिनाइयों की अग्निपरीक्षा में भी उन्होंने दर्शन, आध्यात्मिकता, संस्कृति, भाषा और परंपराओं को संरक्षित रखा। पीड़ा के बीच भी उन्होंने संभावनाओं को उजागर किया और सफलता की नयी ऊंचाइयों को छुआ।”
सिन्हा ने 2021 में कश्मीरी प्रवासी वेब पोर्टल की शुरुआत पर प्रकाश डाला, जिसका उद्देश्य कश्मीरी पंडित समुदाय के उन घरों और जमीनों को वापस हासिल करना है जिन पर अतिक्रमण किया गया है।
उन्होंने कहा, ‘‘मेरा मानना है कि दुनिया के सबसे गंभीर दुखों में से एक है अपनी ही धरती पर परदेसी बन जाना। जम्मू-कश्मीर में ठीक यही हुआ था।’’
उपराज्यपाल ने कहा कि 1989-90 में आतंकवादियों द्वारा कश्मीरी पंडितों के नरसंहार से उपजा दर्द इतना गहरा है कि समय भी इसे कम नहीं कर पाया है।
सिन्हा ने कहा, ‘‘युवा पीढ़ी को यह कभी नहीं भूलना चाहिए कि पाकिस्तान समर्थित आतंकवादियों ने हजारों निर्दोष कश्मीरी मुसलमानों का खून भी बहाया है। कई मामले इतने भयावह हैं कि उन्हें शब्दों में बयां करना मुश्किल है। पिछले साल से उन परिवारों को न्याय मिलना शुरू हो गया है और रोजगार के साथ-साथ अन्य आवश्यक सुविधाएं प्रदान करने के प्रयास जारी हैं।’’
उपराज्यपाल ने कहा कि अगस्त 2019 में जब प्रधानमंत्री मोदी ने अनुच्छेद 370 को समाप्त किया, तो इससे कश्मीरी पंडित समुदाय की युवा पीढ़ी में यह उम्मीद जगी थी कि वे बिना किसी डर के अपनी जड़ों को फिर से हासिल कर सकते हैं।
भाषा
देवेंद्र माधव
माधव

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