अब भारत के ‘सबसे बड़े ब्रांड एंबेसडर’ प्रधानमंत्री मोदी हैं: शेखावत
अब भारत के ‘सबसे बड़े ब्रांड एंबेसडर’ प्रधानमंत्री मोदी हैं: शेखावत
(फाइल फोटो के साथ)
(कुणाल दत्त)
नयी दिल्ली, 30 मई (भाषा) केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत का कहना है कि 10-15 साल पहले तक विदेश में भारत की पहचान मुख्य रूप से महात्मा गांधी से जुड़ी थी, लेकिन अब यह बदल गया है और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी देश के ‘सबसे बड़े ब्रांड एंबेसडर’ हैं।
केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री ने ‘पीटीआई वीडियो’ को दिए एक साक्षात्कार में कहा कि भारत की संस्कृति- इसकी विरासत, त्योहार और व्यंजन – भी देश की पहचान हैं।
उन्होंने कहा कि दुनिया में भारत को जिस नजरिए से देखा जाता था, उसमें ‘कुछ कमी’ थी।
इस सप्ताह की शुरुआत में मंत्री ने ‘पीटीआई-वीडियो’ से कहा था,‘‘10-15 साल पहले तक अगर आप दुनिया के किसी भी देश में जाते और किसी व्यक्ति से उसके हुलिए के आधार पर पूछते कि क्या वह भारतीय है, तो वह खुद को भारतीय कहने में हिचकिचाता था। वह अपना परिचय एशियाई के रूप में देता था। फिर अगर आप उससे पूछते कि वह एशिया में कहां से है, तब वह कहता कि मैं भारतीय हूं।’’
मंत्री ने कहा कि इसके पहले अगर कोई पर्यटक विदेश में किसी को बताता कि वह भारतीय है, तो जवाब होता, ‘भारत! “ओह, श्रीमान गांधी’।
शेखावत ने कहा कि भारत की छवि और पहचान ‘गांधीजी से जुड़ी हुई थी’। उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन आज, और मैं पूरे विश्वास के साथ कह सकता हूं, आप दुनिया के किसी भी देश में जा सकते हैं… सबसे छोटे कैरेबियन द्वीप से लेकर अमेरिका तक, और दक्षिण एशिया से लेकर पश्चिम एशिया तक, आप कहीं भी जा सकते हैं, और अगर आप किसी को बताएं कि ‘मैं भारत से हूं’, तो आप उनके चेहरे पर एक प्यारी सी मुस्कान और एक विस्मयबोधक शब्द देखेंगे, ‘भारत! ओह, श्रीमान मोदी’।”
मंत्री से पूछा गया कि भारत का सबसे बड़ा ब्रांड एंबेसडर कौन है, संस्कृति एवं पर्यटन या बॉलीवुड। इसके जवाब में उन्होंने कहा, ‘‘आजकल हमारे सबसे बड़े ब्रांड एंबेसडर हमारे प्रधानमंत्री हैं।’’
शोखावत ने कहा, ‘‘वैसे भी, यह कोई राजनीतिक जवाब नहीं है। मैं यह एक आम आदमी के तौर पर कह रहा हूं। जैसा कि हमने अभी कहा, 10-15 साल पहले तक गांधीजी दशकों से भारत के ब्रांड एंबेसडर थे। और अब मोदी जी भारत के ब्रांड एंबेसडर हैं। लेकिन भारत की संस्कृति ही भारत की ब्रांड एंबेसडर है। और भारत की संस्कृति ही भारत की पहचान है।’’
उन्होंने कहा कि संस्कृति और विरासत किसी देश का सार और उसकी पहचान बने रहेंगे, लेकिन एक नेता की छवि विदेश में देश की छवि बदल देती है।
पर्यटन मंत्री ने कहा कि जब किसी देश की छवि बदलती है, तो इसका असर देश के पर्यटन पर पड़ता है और उस देश के प्रति आकर्षण बढ़ जाता है।
शेखावत ने कहा कि जो बदलाव हुआ है, उससे भारत को मजबूती मिलती है और यह विश्वास और दृढ़ धारणा बनी है कि भारत में विदेशी पर्यटकों की संख्या वर्तमान में 10 करोड़ से बढ़कर 2047 तक 100 करोड़ हो जाएगी।
भारत की संभावित आर्थिक समृद्धि और विश्व स्तरीय सुविधाओं के विकास से अगर किसी क्षेत्र को सबसे अधिक लाभ होगा, तो वह पर्यटन ही होगा।
क्या पर्यटन को भी सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र की तरह ही रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण क्षेत्र माना जाना चाहिए? इसके जवाब में शेखावत ने कहा, ‘‘तुलना करने पर मुझे लगता है कि इसे उतना रणनीतिक महत्व नहीं मिला है, लेकिन प्रधानमंत्री ने इस दिशा में बहुत तेज गति से काम किया है।’’
उन्होंने कहा कि भारत के सभी दूतावासों को बता दिया गया है कि उनके प्रदर्शन का आकलन करने के मापदंडों में से एक उस देश से भारत आने वाले पर्यटकों की संख्या होगी। इसलिए, अब दूतावास भी काम में जुट गए हैं और सभी पूरी तरह से सतर्क हैं।
यदि दक्षिण कोरिया ने के-पॉप को अपनी ब्रांड पहचान बनाई और थाईलैंड ने अपने आतिथ्य क्षेत्र को अपनी पहचान के रूप में बेचा, तो भारत की वैश्विक स्तर पर पर्यटन पहचान क्या है?
इसके जवाब में मंत्री ने कहा, ‘‘यह ‘अतुल्य भारत’ है। और अब हम इसे अपरिहार्य भारत की ओर ले जा रहे हैं।’’
भाषा संतोष दिलीप
दिलीप

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