मिशन शक्तिसैट में बेटियों की अंतरिक्ष उड़ान की प्रधानमंत्री मोदी ने की सराहना

मिशन शक्तिसैट में बेटियों की अंतरिक्ष उड़ान की प्रधानमंत्री मोदी ने की सराहना

मिशन शक्तिसैट में बेटियों की अंतरिक्ष उड़ान की प्रधानमंत्री मोदी ने की सराहना
Modified Date: August 30, 2026 / 10:33 pm IST
Published Date: August 30, 2026 10:33 pm IST

ग्रेटर नोएडा, 30 अगस्त (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को ‘मन की बात’ के 137वें संस्करण में गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय (जीबीयू) में चल रहे मिशन शक्तिसैट का उल्लेख करते हुए छात्राओं की वैज्ञानिक उपलब्धियों की सराहना की।

उन्होंने कहा कि भारत की बेटियों की प्रतिभा और क्षमता अब केवल धरती तक सीमित नहीं है, बल्कि अंतरिक्ष तक पहुंच रही है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि मिशन शक्तिसैट के माध्यम से 108 देशों की करीब 12 हजार छात्राओं को उपग्रह तकनीक और नवाचार सीखने का अवसर मिला है।

उन्होंने विश्वास जताया कि इनमें से कई छात्राएं आने वाले समय में विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाएंगी।

मोदी ने कहा कि मिशन शक्तिसैट के तहत छात्राओं की भागीदारी से तैयार किए जा रहे उपग्रह को चंद्रमा की कक्षा में भेजने की तैयारी की जा रही है।

इधर, गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय में मिशन शक्तिसैट के तहत रविवार को रॉकेट प्रक्षेपण का विशेष प्रदर्शन किया गया। विश्वविद्यालय के फुटबॉल स्टेडियम में चार टीमों ने अपने-अपने रॉकेट के प्रक्षेपण की प्रक्रिया और तकनीकी क्षमताओं का प्रदर्शन किया।

जीबीयू के कुलपति प्रो. राणा प्रताप ने बताया कि इस रॉकेट प्रक्षेपण प्रदर्शन में थ्रस्ट टेक, सिनोडिक, रमन रिसर्च और बास टेक्नोलॉजीज की टीमों ने हिस्सा लिया। चारों टीमों ने अपने रॉकेट की प्रक्षेपण प्रक्रिया का सफलतापूर्वक प्रदर्शन किया।

प्रो. राणा प्रताप ने कहा कि रॉकेट प्रक्षेपण का यह प्रदर्शन विद्यार्थियों को अंतरिक्ष विज्ञान और अत्याधुनिक तकनीक को समझने का अवसर प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम युवाओं में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, जिज्ञासा और नवाचार की भावना को मजबूत करते हैं।

इस अवसर पर इन-स्पेस के निदेशक डॉ. विनोद कुमार और स्पेस किड्ज इंडिया की संस्थापक डॉ. श्रीमथी केसन भी मौजूद रहीं। रॉकेट के उड़ान भरते ही स्टेडियम में मौजूद सैकड़ों छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और कर्मचारियों ने तालियों के साथ टीमों का उत्साह बढ़ाया।

भाषा

सं, रवि कांत रवि कांत


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