PM Modi on Middle East Tensions: मिडिल-ईस्ट तनाव पर PM मोदी का संसद में संबोधन.. बताया अर्थव्यवस्था को संभालने सरकार ने उठाये कौन से कदम, कहा ‘पूरी दुनिया प्रभावित’..
PM Modi Live on Middle East Tensions: PM मोदी ने मिडिल-ईस्ट संकट पर भारत की तैयारी, ऊर्जा, रेलवे, उर्वरक और अर्थव्यवस्था को संभालने के कदम बताए।
PM Modi Live on Middle East Tensions || Image- PM Modi Youtube File
- 41 देशों से ऊर्जा का आयात और 53 लाख टन भंडारण
- रेलवे विद्युतीकरण और मेट्रो नेटवर्क का विस्तार
- उर्वरक उत्पादन और किसानों के लिए नैनो यूरिया विकल्प
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मिडिल ईस्ट संकट के मद्देनजर भारत की तैयारियों के बारे में संसद में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि भारत वर्तमान में 41 देशों से ऊर्जा का आयात करता है और संकट के समय के लिए 53 लाख मीट्रिक टन स्ट्रैटेजिक ईंधन का भंडारण किया गया है। पिछले 11 वर्षों में देश की रिफाइनिंग कैपेसिटी में भी वृद्धि हुई है। (PM Modi Live on Middle East Tensions) होर्मुज स्ट्रेट में फंसे कई जहाज हाल ही में भारत पहुंचे हैं, और एथेनॉल के उत्पादन और ब्रांडिंग पर भी काम किया जा रहा है, जो इस समय देश के लिए मददगार साबित हो रहा है।
मिल रहा रेलवे के विद्युतीकरण का फायदा
पीएम मोदी ने परिवहन क्षेत्र में भी हुई तैयारियों का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि रेलवे के विद्युतीकरण का फायदा अब देश को मिल रहा है और मेट्रो नेटवर्क 2014 में 250 किलोमीटर से कम था, जो अब 1100 किलोमीटर से अधिक हो गया है। इसके अलावा, 15 हजार इलेक्ट्रिक बसें चलाने की व्यवस्था भी की गई है।
विश्वभर की अर्थव्यवस्था इस युद्ध से प्रभावित
प्रधानमंत्री ने आर्थिक और रणनीतिक तैयारियों पर भी ध्यान दिलाया। उन्होंने कहा कि विश्वभर की अर्थव्यवस्था इस युद्ध से प्रभावित हो रही है, लेकिन भारत पर असर कम हो इसके लिए सरकार हर कदम उठा रही है। (PM Modi Live on Middle East Tensions) विभिन्न सेक्टरों के स्टेकहोल्डर्स के साथ मिलकर काम किया जा रहा है और इंटर-मिनिस्ट्रियल ग्रुप ने आयात-निर्यात और आपूर्ति में आने वाली दिक्कतों को हल करने की जिम्मेदारी संभाली है।
पिछले एक दशक में छह यूरिया प्लांट स्थापित
कृषि और ऊर्जा सुरक्षा पर भी सरकार ने ध्यान केंद्रित किया है। पीएम मोदी ने बताया कि खाद्य और उर्वरक की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। कोविड के समय ग्लोबल सप्लाई चेन डिस्टर्बेंस के बावजूद यूरिया की कीमत भारत में 300 रुपए से कम रखी गई। पिछले एक दशक में छह यूरिया प्लांट स्थापित किए गए हैं, डीएपी और NPK का उत्पादन बढ़ाया गया है, और किसानों को मेड इन इंडिया नैनो यूरिया का विकल्प उपलब्ध कराया गया है। गर्मी में बिजली की मांग बढ़ने पर पावर प्लांट्स में कोयले के पर्याप्त स्टॉक्स भी रखे गए हैं।
Speaking in the Lok Sabha. https://t.co/BIrR385m4O
— Narendra Modi (@narendramodi) March 23, 2026
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