मोदी ने सिक्किम सुरंग हादसे पर मुख्यमंत्री से बात की, मृतकों व घायलों के लिए सहायता की घोषणा की

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मोदी ने सिक्किम सुरंग हादसे पर मुख्यमंत्री से बात की, मृतकों व घायलों के लिए सहायता की घोषणा की

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  • Publish Date - July 21, 2026 / 02:11 PM IST,
    Updated On - July 21, 2026 / 02:11 PM IST

नयी दिल्ली, 21 जुलाई (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को सिक्किम के मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग से बात की और नामची जिले में एक सुरंग के ढहने से पैदा हुई स्थिति का जायजा लिया।

प्रधानमंत्री ने इस घटना में मारे गए लोगों के परिवारों के लिए 2 लाख रुपये और घायलों के लिए 50,000 रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की।

तमांग ने मंगलवार को पहले बताया था कि 20 जुलाई को भूस्खलन के बाद निर्माणाधीन सुरंग के ढहने से आठ मजदूरों की मौत हो गई थी।

मोदी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘सिक्किम के नामची में निर्माणाधीन सुरंग के ढहने से हुई मौतों से दुखी हूं। मैं शोक संतप्त परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं। मैं प्रार्थना करता हूं कि घायल लोग जल्द से जल्द ठीक हो जाएं।’’

प्रधानमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से प्रत्येक मृतक के निकटतम परिजन को 2 लाख रुपये और घटना में घायल हुए लोगों को 50,000 रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी।

तमांग ने कहा कि समरडुंग में एनएचपीसी (नेशनल हाइड्रोइलेक्ट्रिक पावर कॉरपोरेशन) तीस्ता चरण छह जल विद्युत परियोजना की सुरंग भूस्खलन के कारण ढहने के बाद प्रधानमंत्री ने उनसे फोन पर बात की और हालात तथा जारी बचाव कार्यों की जानकारी ली।

मुख्यमंत्री ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘प्रभावित मजदूरों और उनके परिवारों के प्रति उनकी चिंता और करुणा के साथ-साथ भारत सरकार की ओर से हर संभव सहायता का आश्वासन, इस कठिन समय में सिक्किम के लोगों के लिए बहुत बड़ी ताकत और भरोसा देने वाला रहा है।’’

उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय आपदा मोचन बल, राज्य आपदा मोचन बल, सिक्किम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, जिला प्रशासन, स्थानीय पुलिस, रंगपो पीएचसी के चिकित्सा दल और स्थानीय समुदाय बचाव कार्यों में मदद करने और प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता प्रदान करने के लिए अथक प्रयास और आपसी तालमेल के साथ काम कर रहे हैं।

तमांग ने कहा, ‘‘सिक्किम के लोगों की ओर से, मैं माननीय प्रधानमंत्री का उनके अटूट समर्थन, चिंता और दुख की इस घड़ी में हमारे राज्य के साथ मजबूती से खड़े रहने के लिए दिल से आभार व्यक्त करता हूं। हम उनके निरंतर मार्गदर्शन और हर संभव तरीके से सिक्किम के साथ खड़े रहने की भारत सरकार की प्रतिबद्धता को बहुत महत्व देते हैं।’’

भाषा वैभव मनीषा

मनीषा