पेपर लीक से प्रभावित छात्रों से प्रधानमंत्री को ‘मन की बात’ करनी चाहिए: सिब्बल
पेपर लीक से प्रभावित छात्रों से प्रधानमंत्री को ‘मन की बात’ करनी चाहिए: सिब्बल
नयी दिल्ली, 12 मई (भाषा) पूर्व केंद्रीय मंत्री कपिल सिब्बल ने अनियमितताओं के आरोपों के चलते मेडिकल प्रवेश परीक्षा ‘नीट-यूजी-2026’ को रद्द किए जाने के बाद मंगलवार को केंद्र सरकार पर निशाना साधा और कहा कि जो सरकार एक परीक्षा का आयोजन नहीं करा सकती, वह देश को चलाने में अक्षम है।
राज्यसभा सदस्य सिब्बल ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पेपर लीक से प्रभावित छात्रों से ‘मन की बात’ करनी चाहिए और यह कहना चाहिए कि जो हुआ, उसके लिए वह माफी चाहते हैं।
उन्होंने संवाददाताओं से बातचीत में दावा किया कि केंद्र सरकार में कोई जवाबदेही नहीं है और इसलिए केंद्रीय शिक्षा मंत्री इस्तीफा नहीं देंगे।
सिब्बल का यह भी कहना था कि उन राज्यों के शिक्षा मंत्रियों को इस्तीफा देना चाहिए जहां पेपर लीक हुए हैं।
मनमोहन सिंह नीत पूर्ववर्ती सरकार में मानव संसाधन विकास मंत्री रहे सिब्बल ने दावा किया कि पेपर लीक के ज्यादातर मामले भाजपा शासित राज्यों में सामने आए हैं।
उन्होंने इस बात पर जोर दिया, ‘‘पेशेवर रूप से संचालित संगठन होना चाहिए जो परीक्षाएं आयोजित करे। आप (सरकार) अपने लोगों को वहां रखते हैं, उनके अपने हित होते हैं, जिम्मेदारी तय नहीं होती है और इसलिए यही परिणाम होगा।’
सिब्बल ने कहा कि 2019 में ही पेपर लीक के 65 से 70 मामले हुए, लेकिन कोई जवाबदेही तय नहीं हुई।
भाषा हक हक अविनाश
अविनाश

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