पीएमके ने कावेरी जल विवाद पर सर्वोच्च न्यायालय जाने के तमिलनाडु सरकार के फैसले का स्वागत किया

पीएमके ने कावेरी जल विवाद पर सर्वोच्च न्यायालय जाने के तमिलनाडु सरकार के फैसले का स्वागत किया

पीएमके ने कावेरी जल विवाद पर सर्वोच्च न्यायालय जाने के तमिलनाडु सरकार के फैसले का स्वागत किया
Modified Date: August 1, 2026 / 02:34 pm IST
Published Date: August 1, 2026 2:34 pm IST

चेन्नई, एक अगस्त (भाषा) पट्टाली मक्कल काची (पीएमके) के अध्यक्ष अनबुमणि रामदास ने शनिवार को कावेरी नदी के पानी में तमिलनाडु के हिस्से का जल हासिल करने के लिए राज्य सरकार द्वारा सर्वोच्च न्यायालय का रुख करने के फैसले का स्वागत किया।

यहां जारी एक बयान में उन्होंने कहा कि कर्नाटक द्वारा द्विपक्षीय बातचीत की संभावनाओं को पूरी तरह खारिज करने के बाद अब कानूनी रास्ता अपनाना ही एकमात्र सही कदम है।

पीएमके नेता ने याद दिलाया कि इससे पहले तमिलनाडु सरकार ने घोषणा की थी कि मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय कावेरी जल बंटवारे और मेकेदातू बांध मुद्दे पर कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी के शिवकुमार से बातचीत करने बेंगलुरु जाएंगे।

हालांकि, तमिलनाडु में भारी विरोध और कर्नाटक में बढ़ते प्रदर्शनों के बाद, पड़ोसी राज्य के मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कर दिया था कि अभी द्विपक्षीय बातचीत के अनुकूल माहौल नहीं है।

उन्होंने बताया कि तमिलनाडु के कानून मंत्री आर निर्मल कुमार ने इसके बाद घोषणा की कि राज्य सरकार कावेरी के अपने हिस्से का पानी तुरंत छोड़ने की मांग को लेकर शीर्ष अदालत का दरवाजा खटखटाएगी।

अधिकारियों के अनुसार यह याचिका पांच अगस्त के बाद दायर की जाएगी। रामदास ने कहा, ‘यद्यपि तमिलनाडु सरकार ने शुरुआत में गलत रास्ता चुना था, लेकिन संतोष की बात यह है कि अंततः उन्होंने अपनी गलती सुधार ली है।’

भाषा सुमित रंजन

रंजन


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