प्रधानमंत्री के तीन देशों के दौरे से भारत को अभूतपूर्व रणनीतिक उपलब्धियां हासिल हुईं: भाजपा

प्रधानमंत्री के तीन देशों के दौरे से भारत को अभूतपूर्व रणनीतिक उपलब्धियां हासिल हुईं: भाजपा

प्रधानमंत्री के तीन देशों के दौरे से भारत को अभूतपूर्व रणनीतिक उपलब्धियां हासिल हुईं: भाजपा
Modified Date: July 9, 2026 / 08:28 pm IST
Published Date: July 9, 2026 8:28 pm IST

नयी दिल्ली, नौ जुलाई (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने बृहस्पतिवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के तीन देशों के मौजूदा दौरे में कई ‘‘अभूतपूर्व’’ उपलब्धियां हासिल हुई हैं। इनमें इंडोनेशिया के साथ ब्रह्मोस मिसाइल का सौदा, अहम खनिजों पर समझौते और रणनीतिक बुनियादी ढांचे का विकास शामिल है, जो वैश्विक स्तर पर भारत की स्थिति को मजबूत करते हैं।

मोदी इस समय तीन देशों इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के दौरे पर हैं।

भाजपा मुख्यालय में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता तुहिन सिन्हा ने कहा कि मोदी की हर विदेश यात्रा विकास और राष्ट्रीय प्रगति के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। उन्होंने कहा, ‘‘यह दौरा भी कई अहम और कई मायनों में अभूतपूर्व उपलब्धियों से जुड़ा है, जिन पर ज़्यादा ध्यान दिए जाने की जरूरत है।’’

सिन्हा ने इंडोनेशिया के साथ प्रस्तावित ब्रह्मोस मिसाइल समझौते को इस यात्रा की ‘‘सबसे बड़ी उपलब्धि’’ बताया। उन्होंने कहा कि भारत ने अपने अब तक के सबसे बड़े रक्षा समझौते के तहत करीब 5,400 करोड़ रुपये मूल्य के सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल सिस्टम की आपूर्ति करने पर सहमति जताई है।

उन्होंने कहा, ‘‘फिलीपीन और वियतनाम के बाद इंडोनेशिया भारत से ब्रह्मोस मिसाइल प्रणाली खरीदने वाला तीसरा देश बन गया है। यह रक्षा विनिर्माण क्षेत्र में ‘मेक इन इंडिया’ को बढ़ावा देने के लिए मोदी के नेतृत्व वाली सरकार द्वारा पिछले 12 वर्षों में किए गए प्रयासों की बड़ी कामयाबी है और यह रक्षा विनिर्माण केंद्र के रूप में भारत की बढ़ती प्रतिष्ठा को दर्शाता है।’’

सिन्हा ने कहा कि भविष्य में अन्य देशों के साथ भी इस तरह के और समझौते होने की संभावना है।

उन्होंने महत्वपूर्ण खनिज क्षेत्र में सहयोग का भी उल्लेख करते हुए कहा कि इंडोनेशिया और ऑस्ट्रेलिया के साथ भागीदारी सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रिक वाहन और नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में भारत की महत्वाकांक्षाओं को मजबूती देंगी।

उन्होंने कहा, ‘‘पिछले दो वर्षों में भारत ने 25 देशों के साथ महत्वपूर्ण खनिजों से जुड़े समझौते किए हैं। इंडोनेशिया दुनिया में निकल का प्रमुख उत्पादक है, जबकि ऑस्ट्रेलिया दुर्लभ मृदा खनिजों का अहम स्रोत है। ये साझेदारियां भारत की सेमीकंडक्टर विनिर्माण, इलेक्ट्रिक वाहन उत्पादन और नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में महत्वाकांक्षाओं को नयी मजबूती देंगी।’’

इंडोनेशिया के आचेह प्रांत में सबांग बंदरगाह के संयुक्त विकास का उल्लेख करते हुए सिन्हा ने कहा कि मलक्का जलडमरूमध्य के निकट स्थित होने के कारण यह परियोजना हिंद-प्रशांत क्षेत्र में भारत की रणनीतिक उपस्थिति को उल्लेखनीय रूप से मजबूत करेगी।

उन्होंने कहा, ‘‘इसका रणनीतिक महत्व बहुत अधिक है, क्योंकि वैश्विक समुद्री व्यापार का लगभग 30 प्रतिशत हिस्सा मलक्का जलडमरूमध्य से होकर गुजरता है। यदि इस समझौते को भारत की ग्रेट निकोबार परियोजना के साथ जोड़कर देखा जाए, तो यह हिंद-प्रशांत क्षेत्र में भारत की लगातार बढ़ती रणनीतिक मौजूदगी का ठोस प्रमाण है।’’

भारत को यूरेनियम की आपूर्ति के लिए ऑस्ट्रेलिया के साथ हुए परमाणु ऊर्जा समझौते के महत्व पर जोर देते हुए सिन्हा ने कहा कि इससे देश में परमाणु ऊर्जा उत्पादन क्षमता बढ़ाने के प्रयासों को और गति मिलेगी।

उन्होंने कहा, ‘‘ऑस्ट्रेलिया के साथ हुआ यूरेनियम समझौता भारत के वर्ष 2047 तक 100 गीगावाट परमाणु ऊर्जा उत्पादन के लक्ष्य को हासिल करने के प्रयासों को और गति देगा।’’

मोदी को इंडोनेशिया के सर्वोच्च नागरिक सम्मान से सम्मानित किए जाने और नौवीं सदी के प्रम्बानन मंदिर की उनकी यात्रा पर सिन्हा ने कहा कि प्रधानमंत्री ने अपनी विदेश यात्राओं के दौरान हमेशा भारत की सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा दिया है।

सिन्हा ने कहा, ‘‘यह उल्लेखनीय है कि मुस्लिम बहुल देश इंडोनेशिया में भी भारत की सभ्यतागत और सांस्कृतिक विरासत आज भी फल-फूल रही है। ऐसी जगह का दौरा कर प्रधानमंत्री ने भारत की स्थायी सभ्यतागत विरासत को और अधिक रेखांकित किया तथा उसका गौरव बढ़ाया।’’

मोदी की विदेश यात्राओं की आलोचना को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधते हुए सिन्हा ने कहा कि प्रधानमंत्री को मिले 35 सर्वोच्च नागरिक सम्मान उनके वैश्विक नेतृत्व और ‘ग्लोबल साउथ’ के लिए उनके दृष्टिकोण को दर्शाते हैं।

‘ग्लोबल साउथ’ का आशय दुनिया के कमजोर देशों से है।

भाजपा नेता ने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री के इस दौरे पर रवाना होने से पहले ही कांग्रेस ने उनका मजाक उड़ाते हुए कहा था कि वह विदेश यात्रा सिर्फ़ एक और अवॉर्ड लेने के लिए कर रहे हैं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘ये 35 सर्वोच्च नागरिक सम्मान न केवल प्रधानमंत्री मोदी के व्यक्तिगत सम्मान के प्रतीक हैं, बल्कि उनके वैश्विक नेतृत्व और ‘ग्लोबल साउथ’ के लिए उनके दृष्टिकोण की भी पहचान हैं।’’

भाषा आशीष अविनाश

अविनाश


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