प्रधानमंत्री का इजराइल दौरा शर्मनाक था, क्या वह युद्ध समर्थन करते हैं: कांग्रेस

प्रधानमंत्री का इजराइल दौरा शर्मनाक था, क्या वह युद्ध समर्थन करते हैं: कांग्रेस

प्रधानमंत्री का इजराइल दौरा शर्मनाक था, क्या वह युद्ध समर्थन करते हैं:  कांग्रेस
Modified Date: February 28, 2026 / 03:05 pm IST
Published Date: February 28, 2026 3:05 pm IST

नयी दिल्ली, 28 फरवरी (भाषा) कांग्रेस ने ईरान पर अमेरिका और इजराइल के हमले के बाद शनिवार को दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पिछले दिनों युद्ध के हालात के बावजूद इजराइल का “शर्मनाक दौरा” किया।

मुख्य विपक्षी दल ने यह सवाल भी किया कि प्रधानमंत्री मोदी ने अपने इजराइल दौर का उपयोग तनाव कम करने के लिए क्यों नहीं किया या फिर वह इस युद्ध का समर्थन करते हैं?

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, “प्रधानमंत्री मोदी के इजराइल दौरे की खुशी मनाने के दो दिन बाद ही इजराइल और अमेरिका ने ईरान के खिलाफ अपना संयुक्त हमला शुरू कर दिया है। पिछले कुछ महीनों में उनके सैन्य जमावड़े को देखते हुए यह पूरी तरह अपेक्षित था।”

उन्होंने कहा कि इसके बावजूद प्रधानमंत्री मोदी ने इजराइल जाने का निर्णय लिया, जहां उन्होंने उच्चतम स्तर की “नैतिक कायरता” का प्रदर्शन किया।

कांग्रेस नेता ने कहा, “प्रधानमंत्री ने घोषणा की कि भारत इजराइल के साथ खड़ा है और ऐसा कहने पर स्वयं को एक पुरस्कार भी दिलवा लिया।”

रमेश ने दावा किया कि यह इजराइल दौरा शर्मनाक था और अब तो यह और भी अधिक शर्मनाक प्रतीत होता है, क्योंकि युद्ध उन्हीं दो नेताओं द्वारा शुरू किया गया है जिन्हें प्रधानमंत्री मोदी अपना अच्छा मित्र बताते रहे हैं।

पार्टी के मीडिया विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, “प्रधानमंत्री मोदी के दोस्त बेंजामिन नेतन्याहू ने अब ‘भारत के पुराने दोस्त’ ईरान पर हमला बोल दिया है। यह प्रधानमंत्री मोदी के इजराइल दौरे से लौटने के बमुश्किल दो दिन बाद हुआ है।”

उन्होंने कहा, “रूस-यूक्रेन युद्ध को रोकने के बारे में तमाम दिखावे के बाद, मोदी ने अपनी इज़राइल यात्रा का उपयोग इज़राइल और ईरान के बीच तनाव कम करने के लिए क्यों नहीं किया? या क्या वह इस युद्ध का समर्थन करते हैं?”

प्रधानमंत्री मोदी ने 25 और 26 फरवरी को इजराइल के दौरे पर थे जहां उन्होंने इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से मुलाकात के साथ वहां की संसद नेसेट को संबोधित किया था।

भाषा हक प्रशांत

प्रशांत


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