नयी दिल्ली, तीन जनवरी (भाषा) जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) के एक पुस्तकालय में निगरानी उपायों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने को लेकर जेएनयू छात्र संघ के वर्तमान और पूर्व पदाधिकारियों को दिल्ली पुलिस द्वारा नोटिस जारी किए जाने के बाद संघ ने एक बयान जारी करते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन पर छात्र प्रतिनिधियों को निशाना बनाने का आरोप लगाया है।
आधिकारिक बयान के अनुसार, जेएनयू प्रशासन द्वारा छात्र संघ (जेएनयूएसयू) अध्यक्ष अदिति मिश्रा, उपाध्यक्ष गोपिका, महासचिव सुनील, संयुक्त सचिव दानिश और पूर्व अध्यक्ष नीतीश कुमार के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी, जिसके बाद पुलिस ने ये नोटिस जारी किए।
अदिति मिश्रा ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि छात्र संघ के पदाधिकारियों और पूर्व अध्यक्ष को शनिवार को पूछताछ के लिए पुलिस थाने बुलाया गया।
छात्र संघ ने बयान में कहा कि बी आर आंबेडकर केंद्रीय पुस्तकालय में चेहरा पहचानने वाले कैमरे और ‘मैग्नेटिक एंट्री गेट’ लगाए जाने का विरोध करने पर दिल्ली पुलिस ने ये नोटिस दिए हैं।
छात्र संघ का आरोप है कि इस कदम का उद्देश्य छात्रों की आवाज को दबाना और कार्यकर्ताओं को डराना-धमकाना है।
बयान में कहा गया है कि छात्र लंबे समय से केंद्रीय पुस्तकालय की ‘खस्ताहाल स्थिति’, फंड में कटौती और प्रशासनिक उपेक्षा को लेकर चिंता जताते रहे हैं। छात्रों की मांग रही है कि पुस्तकालय में किताबों की संख्या और बैठने की क्षमता बढ़ाई जाए तथा पुस्तकालय को अधिक समय तक खुला रखा जाए। इसके बजाय, प्रशासन ने सीमित संसाधनों को निगरानी अवसंरचना पर खर्च करने का विकल्प चुना, जो छात्रों के अनुसार उनकी निजता का उल्लंघन है।
जेएनयूएसयू ने इसे ‘कायरतापूर्ण हमला’ बताते हुए इसकी कड़ी निंदा की और छात्र नेताओं के खिलाफ दर्ज सभी मामलों को तुरंत वापस लेने की मांग की।
भाषा सुमित संतोष
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