धार के भोजशाला में बसंत पंचमी पर टकराव की आशंका के मद्देनजर पुलिस सतर्क

धार के भोजशाला में बसंत पंचमी पर टकराव की आशंका के मद्देनजर पुलिस सतर्क

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  • Publish Date - January 13, 2026 / 07:30 PM IST,
    Updated On - January 13, 2026 / 07:30 PM IST

धार (मध्यप्रदेश), 13 जनवरी (भाषा) मध्यप्रदेश के धार स्थित भोजशाला में इस वर्ष बसंत पंचमी (सरस्वती पूजा) शुक्रवार को मनाए जाने कारण दो समुदायों के बीच टकराव की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने मंगलवार को तैयारियों की समीक्षा की और लोगों से शांति व सौहार्द बनाए रखने की अपील की।

इस आशंक की वजह है कि भोज उत्सव समिति ने 23 जनवरी को पूरे दिन पूजा-अर्चना की अनुमति मांगी है, जबकि मुस्लिम समाज ने शुक्रवार होने के कारण दोपहर एक बजे से तीन बजे तक कमाल मौला मस्जिद में नमाज अदा करने के लिए ज्ञापन सौंपा है।

दरअसल, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) ने भोजशाला में प्रत्येक मंगलवार को हिंदुओं को पूजा-अर्चना और शुक्रवार को मुस्लिम समाज को नमाज अदा करने की अनुमति दी हुई है।

भोज उत्सव समिति के संरक्षक अशोक जैन ने संवाददाताओं से कहा, “हमारा लक्ष्य स्पष्ट है। किसी भी सूरत में 23 जनवरी को बसंत पंचमी पर अखंड पूजा का आयोजन किया जाएगा। सूर्योदय से अखंड पूजा होगी। यदि ऐसा नहीं हुआ तो हम संघर्ष का रास्ता अपनाएंगे।”

उन्होंने कहा, “किसी भी हालत में भोजशाला खाली नहीं करेंगे। पहले भी नहीं किया था और अब भी नहीं करेंगे।”

इस बीच, मुस्लिम समाज ने भोजशाला चौकी पर एएसआई के महानिदेशक के नाम ज्ञापन सौंपकर 23 जनवरी को दोपहर एक बजे से तीन बजे तक जुमे की नमाज अदा करने की अनुमति देने की मांग की है।

मुस्लिम समाज ने ज्ञापन में कहा कि इस समयावधि में जुमे की नमाज अप्रभावित, निर्बाध एवं विधिसम्मत रूप से किया जाना अपेक्षित है।

इंदौर ग्रामीण रेंज के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) अनुराग ने मंगलवार को धार का दौरा किया और पुलिस नियंत्रण कक्ष में अधिकारियों के साथ बैठक कर तैयारियों की समीक्षा की। इसके बाद उन्होंने विवादित भोजशाला-कमाल मौला मस्जिद परिसर का भी निरीक्षण किया।

अनुराग ने संवाददाताओं से कहा कि 23 जनवरी के मद्देनजर धार में भारी पुलिस बल तैनात किया जाएगा।

उन्होंने कहा, “23 जनवरी को बसंत पंचमी भी है और शुक्रवार भी। इसलिए लोग सौहार्द और शांति के साथ त्योहार मनाएं। बसंत पंचमी को लेकर लगभग 8,000 सुरक्षाकर्मी तैनात किए जाएंगे, जिनमें सीआरपीएफ और त्वरित कार्रवाई बल सहित विभिन्न बल शामिल होंगे।”

उन्होंने बताया कि इस दौरान नियमित गश्त की जाएगी और शहरभर में लगे सीसीटीवी कैमरों के जरिए निगरानी रखी जाएगी। संवेदनशील इलाकों और सोशल मीडिया पर भी कड़ी नजर रखी जाएगी और शांति भंग करने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

इससे पहले वर्ष 2016 में भी बसंत पंचमी शुक्रवार के दिन थी, जब भोजशाला में पूजा और नमाज के समय को लेकर विवाद हुआ था और स्थानीय स्तर पर विरोध प्रदर्शन तथा झड़पें हुई थीं।

हिंदू समुदाय भोजशाला को वाग्देवी (देवी सरस्वती) का मंदिर मानता है, जबकि मुस्लिम पक्ष इसे कमाल मौला मस्जिद कहता है।

एएसआई की सात अप्रैल 2003 को जारी व्यवस्था के मुताबिक हिंदुओं को हर मंगलवार को भोजशाला में पूजा करने की अनुमति है, जबकि मुसलमान हर शुक्रवार यहां नमाज पढ़ सकते हैं। पिछले 23 सालों से यह व्यवस्था है।

भाषा सं ब्रजेन्द्र खारी

खारी