पोर्श कार हादसा: न्यायालय ने दो आरोपियों की जमानत याचिकाओं पर महाराष्ट्र सरकार को नोटिस जारी किया
पोर्श कार हादसा: न्यायालय ने दो आरोपियों की जमानत याचिकाओं पर महाराष्ट्र सरकार को नोटिस जारी किया
नयी दिल्ली, सात जनवरी (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने पुणे में मई 2024 में हुई पोर्श कार दुर्घटना मामले में दो आरोपियों की जमानत याचिकाओं पर बुधवार को महाराष्ट्र सरकार से जवाब तलब किया।
इस दुर्घटना में दो लोगों की जान चली गई थी।
आदित्य अविनाश सूद (52) और आशीष सतीश मित्तल (37) को पिछले साल 19 अगस्त को गिरफ्तार किया गया था, क्योंकि दुर्घटना के समय 17-वर्षीय मुख्य आरोपी के साथ कार में मौजूद दो नाबालिगों से जुड़े मामले की जांच में उनके (सूद और मित्तल के) रक्त नमूनों का परीक्षण किया गया था।
पुणे के कल्याणी नगर इलाके में 19 मई 2024 को 17-वर्षीय एक किशोर द्वारा कथित तौर पर शराब के नशे में चलाई जा रही पोर्श कार ने दो आईटी पेशेवरों को टक्कर मार दी, जिससे उनकी मौत हो गई।
न्यायमूर्ति बी.वी. नागरत्ना और न्यायमूर्ति उज्ज्वल भुइयां की पीठ ने मुंबई उच्च न्यायालय द्वारा जमानत याचिकाएं खारिज करने संबंधी आदेश के खिलाफ दायर याचिकाओं पर राज्य सरकार को नोटिस जारी किया।
उच्च न्यायालय ने पिछले साल 16 दिसंबर को इस मामले में सूद और मित्तल समेत आठ आरोपियों की जमानत याचिकाएं खारिज कर दी थीं।
किशोर न्याय बोर्ड (जेजेबी) ने नाबालिग आरोपी को उदार शर्तों पर जमानत दे दी थी, जिससे व्यापक स्तर पर रोष जताया गया था। जमानत की शर्तों में सड़क सुरक्षा पर 300 शब्दों में निबंध लिखना शामिल था।
नाबालिग को जमानत दिए जाने से मचे बवाल के बाद पुणे पुलिस ने जेजेबी से अपने फैसले पर पुनर्विचार करने का अनुरोध किया। इसके बाद, बोर्ड ने आदेश में संशोधन किया और नाबालिग को सुधार गृह भेज दिया। जून में उच्च न्यायालय ने नाबालिग को रिहा करने का आदेश दिया था।
भाषा सुभाष सुरेश
सुरेश

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