समान नागरिक संहिता, ‘एक राष्ट्र-एक चुनाव’ पर सकारात्मक विचार-विमर्श जारी: मोदी

समान नागरिक संहिता, ‘एक राष्ट्र-एक चुनाव’ पर सकारात्मक विचार-विमर्श जारी: मोदी

समान नागरिक संहिता, ‘एक राष्ट्र-एक चुनाव’ पर सकारात्मक विचार-विमर्श जारी: मोदी
Modified Date: April 6, 2026 / 08:31 pm IST
Published Date: April 6, 2026 8:31 pm IST

नयी दिल्ली, छह अप्रैल (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को समान नागरिक संहिता और ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के दो प्रमुख एजेंडा बताते हुए कहा कि इन पर गंभीर विचार-विमर्श हो रहा है तथा सकारात्मक दिशा में प्रगति हुई है।

भाजपा के 47वें स्थापना दिवस पर एक कार्यक्रम को डिजिटल तरीके से संबोधित करते हुए, मोदी ने कहा कि वह भाजपा थी जिसने 1994 में पहली बार महिला आरक्षण का मुद्दा उठाया था।

उन्होंने कहा कि मौजूदा भाजपा नीत केंद्र सरकार महिला आरक्षण अधिनियम को 2029 के आम चुनाव में लागू करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है, जिसके तहत लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण होगा।

प्रधानमंत्री ने कांग्रेस पर भी निशाना साधा और कहा कि भाजपा कार्यकर्ताओं ने आपातकाल जैसी कई कठिनाइयों को सहा और कांग्रेस के शासन में उत्पीड़न का सामना किया है। उन्होंने कहा कि भाजपा के कई कार्यकर्ताओं ने तो अपनी जान भी कुर्बान कर दी, जैसा कि पश्चिम बंगाल और केरल जैसे राज्यों में देखा गया, ‘‘जहां हिंसा को एक राजनीतिक संस्कृति बना दिया गया है’’।

मोदी ने कहा, ‘‘हमारा मिशन अभी जारी है। समान नागरिक संहिता, ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ और अन्य मुद्दों पर देश में गंभीर चर्चाएं जारी हैं और इन पर काफी प्रगति हुई है।’’

उन्होंने कहा कि भाजपा देश को विकसित और आत्मनिर्भर बनाना चाहती है और इस दिशा में बढ़ती रहेगी।

‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ प्रणाली में विधानसभा और लोकसभा के चुनाव एक साथ कराने का प्रस्ताव है। समान नागरिक संहिता (यूसीसी) का उद्देश्य पूरे देश में विवाह, गोद लेने आदि के संबंध में सभी के लिए एक समान कानून बनाना है।

मोदी ने कहा कि भाजपा हर चुनौती का सामना करने के लिए पूरी ईमानदारी से प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा, ‘‘ब्रिटिश काल के सैकड़ों काले कानूनों को खत्म करना, लोकतंत्र के लिए एक नए संसद भवन का निर्माण, सामान्य वर्ग के गरीबों के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण, तीन तलाक पर प्रतिबंध लगाने वाला कानून, नागरिकता संशोधन अधिनियम, अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण… ऐसे अनगिनत काम हैं जो भाजपा के ईमानदार प्रयासों का परिणाम हैं।’’

उन्होंने कहा कि भाजपा ने सबसे पहले 1994 में वडोदरा में महिला आरक्षण का प्रस्ताव रखा था। उन्होंने कहा, ‘‘हमने यह भी तय किया था कि हम हमारे पार्टी संगठन में यथासंभव महिलाओं को प्रोत्साहित करेंगे। जब हम सत्ता में आए तो हमने वादा पूरा किया। अब हम पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम को 2029 के आम चुनाव में लागू किया जाए।’’

पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा युद्ध के समय भी ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ की भावना में भरोसा रखती है। उन्होंने कहा कि एक समय था जब भारत हर देश से समान दूरी बनाए रखने पर गर्व करता था, लेकिन अब वह हर देश के साथ घनिष्ठ संबंध रखते हुए आगे बढ़ रहा है।

मोदी ने कहा कि भाजपा के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) ने अपने अस्तित्व के 25 साल पूरे कर लिए हैं और यह एकमात्र ऐसा गठबंधन है, जो देश के हितों और उसके लोगों के कल्याण के लिए काम कर रहा है।

उन्होंने कहा, ‘‘भाजपा ने गठबंधन की राजनीति में एक मिसाल कायम की है। राजग का लगातार विस्तार इस बात का प्रमाण है कि यह एक सर्व-समावेशी गठबंधन है। यह क्षेत्रीय आकांक्षाओं को प्राथमिकता देते हुए काम करता है।’’

मोदी ने कहा कि लोगों ने वंशवादी राजनीति देखी है, जो अब भी देश के कुछ हिस्सों में है और वामपंथी शासन के मॉडल को देखा है, लेकिन भाजपा का शासन का मॉडल विशिष्ट है। उन्होंने कहा, ‘‘हमारे शासन के मॉडल के तहत नीतियां और सरकारें स्थिर हैं।’’

प्रधानमंत्री ने कहा कि भाजपा का अपना एजेंडा और उद्देश्य हैं और मौजूदा संकट से निपटने के अलावा पार्टी नीत सरकार देश को भविष्य के लिए तैयार कर रही है।

उन्होंने कहा, ‘‘जनसांख्यिकीय परिवर्तन, घुसपैठ, भ्रष्टाचार, वंशवादी राजनीति और लोगों को औपनिवेशिक मानसिकता से मुक्त करने जैसे मुद्दों पर काम जारी है। भाजपा को देश को इन सभी चुनौतियों से मुक्त कराना है। यह जिम्मेदारी केवल भाजपा ही निभा सकती है।’’

वर्ष 2019 में अनुच्छेद 370 (जिसने जम्मू कश्मीर को विशेष दर्जा दिया था) के ज्यादातर प्रावधानों को रद्द किये जाने का ज़िक्र करते हुए मोदी ने कहा कि दशकों तक यह कानून जम्मू-कश्मीर को देश के बाकी हिस्सों के साथ पूरी तरह से जोड़ने में एक रुकावट बना रहा।

उन्होंने कहा, ‘‘लोगों को लगता था कि अनुच्छेद 370 को खत्म करना असंभव है, लेकिन हमने इसे निरस्त करने का वादा किया था। हमने यह काम पूरा कर लिया है।’’

मोदी ने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा और आतंकवाद जैसे मुद्दों पर भाजपा का सतत रुख रहा है और अब सीमा सुरक्षा के लिए नई प्रौद्योगिकियां स्थापित की जा रही हैं, सीमावर्ती गांवों का विकास किया जा रहा है और नक्सलवाद की रीढ़ तोड़ दी गई है।

उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के ‘‘विशाल और पवित्र वटवृक्ष’’ की छाया में भाजपा सद्भाव और ईमानदारी के साथ राजनीति करने के लिए प्रेरित हुई।

उन्होंने कहा कि पार्टी 1984 को नहीं भूल सकती, जब कांग्रेस ने बड़ी संख्या में सीट जीती थीं, लेकिन देश ने यह भी देखा कि उन्होंने लोगों को कैसे धोखा दिया।

उन्होंने कहा, ‘‘इससे भाजपा पर जनता का भरोसा बढ़ा और धीरे-धीरे हमने सीटें जीतनी शुरू कर दीं। उस समय दो प्रकार की राजनीतिक विचारधाराएं प्रचलित थीं: एक सत्ता-केंद्रित और दूसरी सेवा-उन्मुख।’’

उन्होंने कहा, ‘‘सत्ता को प्राथमिकता देने वाली राजनीति धीरे-धीरे कमजोर पड़ने लगी और सेवा-उन्मुख राजनीति को व्यापक जनसमर्थन प्राप्त हुआ। आज हमें गर्व है कि हमने अपने आचरण के माध्यम से भारतीय राजनीति में एक नया सिद्धांत स्थापित किया है: राष्ट्र सर्वोपरि का सिद्धांत।’’

इससे पहले प्रधानमंत्री ने ‘एक्स’ पर भाजपा के स्थापना दिवस पर कार्यकर्ताओं को बधाई दी।

भाजपा की स्थापना छह अप्रैल, 1980 को हुई थी।

मोदी ने हा, ‘‘हमारी पार्टी हमेशा से ही ‘भारत प्रथम’ के सिद्धांत से प्रेरित होकर समाज सेवा में अग्रणी रही है। हमारे कार्यकर्ता निस्वार्थ सेवा, अटूट समर्पण और सुशासन के प्रति गहरी लगन के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने जमीनी स्तर पर अथक परिश्रम किया है, यह सुनिश्चित करते हुए कि अधिक से अधिक लोग हमारी विचारधारा और कार्य से जुड़ें।’’

उन्होंने कहा, ‘‘हम उन अनगिनत कार्यकर्ताओं को भी याद करते हैं जिनके समर्पण, बलिदान और दृढ़ता ने दशकों से पार्टी के विकास को आकार दिया है।’’

मोदी ने कहा कि भाजपा एक ऐसी पार्टी है जो जन कल्याण को अपने दृष्टिकोण के केंद्र में रखती है और यह केंद्र और विभिन्न राज्यों में किए गए कार्यों में परिलक्षित होता है।

उन्होंने कहा, ‘‘भाजपा एक विकसित भारत के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध है। हमारी सामूहिक संकल्पशक्ति इस दृष्टिकोण को आगे बढ़ाती रहे और भारत को प्रगति और समृद्धि की नई ऊंचाइयों पर ले जाए।’’

भाषा अमित नरेश

नरेश


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