भारत-बांग्लादेश सीमा पर अपराधियों को रोकने के लिए सांप, मगरमच्छ छोड़ने की संभावना पर विचार
भारत-बांग्लादेश सीमा पर अपराधियों को रोकने के लिए सांप, मगरमच्छ छोड़ने की संभावना पर विचार
नयी दिल्ली, छह अप्रैल (भाषा) सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) भारत-बांग्लादेश अंतरराष्ट्रीय सीमा पर नदियों वाले ‘संवेदनशील’ इलाकों में अवैध घुसपैठ और सीमा पार होने वाले अपराधों को रोकने के लिए मगरमच्छ और सांप छोड़ने की संभावना पर विचार कर रहा है।
इस योजना पर नौ फरवरी को दिल्ली में बल के मुख्यालय में हुई एक बैठक में चर्चा की गई थी। इसके बाद, 4,096 किलोमीटर लंबी सीमा पर तैनात स्थानीय इकाइयों से उनकी राय मांगी गई।
गृह मंत्रालय द्वारा दिए गए आंकड़ों के अनुसार, इस सीमा का लगभग 856 किलोमीटर हिस्सा अभी भी बिना बाड़ के है, जिसका कारण घने जंगल और नदियों वाले इलाकों जैसी कठिन भौगोलिक परिस्थितियां हैं।
अधिकारियों ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि बीएसएफ ने प्रस्ताव दिया है कि बल को केंद्रीय गृह मंत्री के निर्देशों के अनुरूप ‘‘अभियान संबंधी’’ सफलता हासिल करने के लिए, नदियों वाले संवेदनशील इलाकों में सांप और मगरमच्छ जैसे रेंगने वाले जीवों को छोड़ने की व्यवहार्यता पर विचार करना चाहिए।
अधिकारियों ने कहा कि कई स्थानीय कमांडरों ने यह बात उठाई कि नदियों वाले इलाकों में रेंगने वाले जीवों को छोड़ना व्यावहारिक नहीं है। उन्होंने बताया कि सीमा के कई इलाकों में आबादी रहती है, और बाढ़ के दौरान, अगर ये जानवर वहां मौजूद हों तो स्थानीय लोगों के लिए समस्या खड़ी हो सकती है।
सीमा सुरक्षा बल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘‘यह एक विचार था जिस पर फरवरी में बीएसएफ के महानिदेशक प्रवीण कुमार की अध्यक्षता में हुई बैठक में चर्चा की गई थी। इस विचार का मकसद योजना की व्यावहारिकता का पता लगाना था। बल स्थानीय कमांडरों द्वारा भेजी गई प्रतिक्रियाओं का अध्ययन कर रहा है।’’
एक दूसरे अधिकारी ने बताया कि इस सीमा को सुरक्षित बनाने के लिए विभिन्न प्रकार के तकनीकी उपकरणों और निगरानी गैजेट को तैनात करने के कई अन्य प्रस्ताव भी हैं।
भारत-बांग्लादेश सीमा पर पड़ोसी देश से घुसपैठ का खतरा बना रहता है, साथ ही मानव तस्करी, नशीले पदार्थों की तस्करी, जाली भारतीय मुद्रा नोटों और हथियारों व गोला-बारूद की तस्करी जैसे विभिन्न सीमा-पार अपराध भी होते रहते हैं।
भाषा वैभव माधव
माधव

Facebook


