तिरुपत्तूर नाम की दो सीट के बीच हो सकता है डाक मतपत्रों में अदला बदली हुई हो : अदालती आदेश पर द्रमुक

तिरुपत्तूर नाम की दो सीट के बीच हो सकता है डाक मतपत्रों में अदला बदली हुई हो : अदालती आदेश पर द्रमुक

तिरुपत्तूर नाम की दो सीट के बीच हो सकता है डाक मतपत्रों में अदला बदली हुई हो : अदालती आदेश पर द्रमुक
Modified Date: May 12, 2026 / 04:56 pm IST
Published Date: May 12, 2026 4:56 pm IST

चेन्नई, 12 मई (भाषा) द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) ने मंगलवार को कहा कि शिवगंगा जिले के तिरुपत्तूर और वेल्लोर के पास स्थित तिरुपत्तूर जिले के बीच डाक मतपत्रों की संभावित अदला बदली के कारण, मद्रास उच्च न्यायालय ने तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) विधायक को विधानसभा के शक्ति परीक्षण में मतदान करने से रोक दिया है।

पार्टी के प्रवक्ता सर्वानन अन्नादुरई ने ‘पीटीआई वीडियो’ से कहा, ‘‘अगर एक विवादित वोट द्रमुक के पक्ष में गिना जाता है, तो दोनों के वोट बराबर हो जाएंगे, जिसके बाद चुनाव का फैसला सिक्का उछालकर करना पड़ेगा।’’

चुनाव में टीवीके के श्रीनिवास सेतुपति आर. को 83,375 वोट मिले, जबकि द्रमुक नेता के. आर. पेरियाकरुप्पन को 83,374 वोट मिले। सेतुपति को मात्र एक वोट के अंतर से विजेता घोषित किया गया।

अन्नादुरई ने कहा कि अदालत ने विधायक को निर्देश दिया है कि जब तक याचिका पर फैसला नहीं आ जाता, तब तक वह मतदान से परहेज करें।

उदयनिधि स्टालिन द्वारा सनातन धर्म पर की गई टिप्पणियों को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के हमलों का जवाब देते हुए, अन्नादुरई ने द्रमुक की वैचारिक स्थिति को स्पष्ट किया।

प्रवक्ता ने कहा, ‘‘तमिलनाडु में सनातन धर्म को उस जातिगत पदानुक्रम के बराबर माना जाता है, जिसे वह बढ़ावा देता है या स्थायी बनाए रखता है।’’

उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि जातिगत उत्पीड़न और हिंदू धर्म के भीतर मौजूद कठोर संरचनाओं के खिलाफ लड़ना द्रमुक का ‘‘डीएनए’’ है।

भाषा यासिर दिलीप

दिलीप


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