स्वतंत्रता दिवस से पहले दिल्ली भर में 19 वांछित आतंकवादियों के पोस्टर लगाए गए

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स्वतंत्रता दिवस से पहले दिल्ली भर में 19 वांछित आतंकवादियों के पोस्टर लगाए गए

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  • Publish Date - August 11, 2026 / 05:13 PM IST,
    Updated On - August 11, 2026 / 05:13 PM IST

नयी दिल्ली, 11 अगस्त (भाषा) स्वतंत्रता दिवस से पहले सुरक्षा के कड़े उपायों के तहत राष्ट्रीय राजधानी में कई स्थानों पर इंडियन मुजाहिदीन, अल-कायदा और खालिस्तानी आतंकी संगठनों से जुड़े 19 वांछित आतंकवादियों की तस्वीरों वाले पोस्टर लगाए गए हैं। पुलिस ने मंगलवार को यह जानकारी दी।

अधिकारियों ने बताया कि यह कवायद 15 अगस्त से पहले किए जाने वाले वार्षिक सुरक्षा अभ्यास का हिस्सा है और इसका उद्देश्य जन जागरूकता बढ़ाना तथा राष्ट्रीय राजधानी के लिए खतरा माने जाने वाले लोगों की पहचान करने व उन पर नजर रखने में जनता से मदद मांगना है।

स्वतंत्रता दिवस समारोह से पहले दिल्ली को हाई अलर्ट पर रखा गया है, जिसके तहत सुरक्षा एजेंसियों ने भीड़भाड़ वाले बाजारों, दिल्ली मेट्रो, बस टर्मिनलों, रेलवे स्टेशनों और अन्य परिवहन केंद्रों, सरकारी भवनों व संवेदनशील प्रतिष्ठानों सहित प्रमुख स्थानों पर निगरानी और सतर्कता बढ़ा दी है।

लाल किले को बहुस्तरीय सुरक्षा घेरे में रखा गया है, जहां स्वतंत्रता दिवस का मुख्य समारोह आयोजित किया जाएगा। 15 अगस्त के इस कार्यक्रम के लिए दिल्ली पुलिस और अर्धसैनिक बलों के लगभग 15,000 से 20,000 जवानों की तैनाती की उम्मीद है। इस कार्यक्रम में विशिष्ठ व्यक्तियों (वीआईपी) सहित बड़ी संख्या में लोग शामिल होंगे।

लाल किले और उसके आसपास के इलाकों में चेहरा पहचान करने वाली प्रणाली (फेस रिकग्निशन सिस्टम) से लैस कैमरों सहित लगभग 1,000 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। स्मारक के अंदर एक अत्याधुनिक तकनीक से युक्त सीसीटीवी नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है, जहां पुलिस कर्मी और तकनीकी टीमें तीन किलोमीटर से अधिक के दायरे में हर गतिविधि पर नजर रखेंगी।

खुफिया जानकारी को देखते हुए भी सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की गई है और पुलिस राष्ट्रीय राजधानी में और उसके आसपास संदिग्ध गतिविधियों पर पैनी नजर रख रही है।

सुरक्षा के व्यापक इंतजामों के तहत दिल्ली पुलिस भीड़भाड़ वाले इलाकों में संदिग्ध और वांछित व्यक्तियों की पहचान करने के लिए तकनीक का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल कर रही है।

पुलिस ‘अभिज्ञान’ ऐप का उपयोग भी कर रही है। इसमें एक करोड़ से अधिक अपराधियों का डेटाबेस है।

उच्च ‘रिज़ॉल्यूशन’ वाले कैमरों से लैस ‘फेस रिकग्निशन सिस्टम’ (एफआरएस) वैन भी रणनीतिक स्थानों पर तैनात की गई हैं। यह वैन भीड़ में चेहरों को स्कैन करती हैं और उपलब्ध डेटाबेस से उनका मिलान करती हैं।

यदि किसी वांछित या संदिग्ध व्यक्ति का पता चलता है, तो इसकी जानकारी नियंत्रण कक्ष में भेजी जाती है।

ऊंचे स्थानों सहित रणनीतिक बिंदुओं पर स्नाइपर तैनात किए गए हैं, जबकि अनधिकृत हवाई गतिविधियों को रोकने के लिए ड्रोन रोधी प्रणालियां लगाई गई है।

व्यापक सुरक्षा व्यवस्था के तहत लाल किले के आसपास कई किलोमीटर के क्षेत्र पर नजर रखने के लिए भी निगरानी नेटवर्क का उपयोग किया जा रहा है।

सुरक्षा में किसी भी तरह की चूक को रोकने के लिए पुलिस ने स्मारक के आसपास पतंग और ड्रोन उड़ाने पर भी प्रतिबंध लगा दिया है।

भाषा नोमान नोमान नरेश

नरेश