रांची, तीन सितंबर (भाषा) झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बृहस्पतिवार को अधिकारियों को राज्य के शहरी आबादी और सुविधाओं वाले (शहरीकृत) जिलों में उपनगरीय टाउनशिप विकसित करने की संभावनाओं पर एक कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया है।
मुख्य शहर के पास विकसित होने वाले क्षेत्रों को उपनगरीय टाउनशिप कहा जाता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शहरीकरण केवल इमारतों और सड़कों के निर्माण तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि इसे नागरिकों की भविष्य की जरूरतों के अनुसार विकसित किया जाना चाहिए।
एक आधिकारिक बयान के अनुसार, मुख्यमंत्री सोरेन ने ‘ग्रेटर रांची डेवलपमेंट अथॉरिटी’ और ‘रांची स्मार्ट सिटी’ परियोजना से जुड़े विभिन्न भूमि-संबंधित मुद्दों पर अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय चर्चा की।
मुख्यमंत्री ने बैठक में अधिकारियों से कहा, ‘स्मार्ट सिटी परियोजना की तरह ही राज्य के शहरीकृत जिलों में उपनगरीय टाउनशिप विकसित करने की संभावनाओं का पता लगाने के लिए एक व्यापक अध्ययन किया जाना चाहिए।’
उन्होंने कहा, ‘संबंधित जिलों में उपलब्ध भूमि, बुनियादी ढांचे, आवागमन के साधन, नागरिक सुविधाओं, रोजगार के अवसरों और भविष्य की जनसंख्या की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए एक ठोस कार्ययोजना तैयार करें।’
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य एक ऐसा आधुनिक, सुरक्षित, समावेशी और सुव्यवस्थित शहरी माहौल बनाना है, जो नागरिकों के लिए जीवन को आसान बनाए और उन्हें बेहतर सुविधाएं प्रदान करे।
उन्होंने कहा कि स्मार्ट सिटी जैसी परियोजनाएं न केवल शहरी विकास को एक नयी दिशा देंगी, बल्कि निवेश, रोजगार, व्यापार और आर्थिक गतिविधियों के लिए नए अवसर भी पैदा करेंगी।
भाषा सुमित माधव
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