राष्ट्रपति मुर्मू ने भारत-पाक सीमा के पास स्वदेशी हेलीकॉप्टर ‘प्रचंड’ में उड़ान भरी
राष्ट्रपति मुर्मू ने भारत-पाक सीमा के पास स्वदेशी हेलीकॉप्टर ‘प्रचंड’ में उड़ान भरी
जयपुर, 27 फरवरी (भाषा) राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शुक्रवार को राजस्थान के जैसलमेर जिले में भारत-पाक सीमा के पास स्वदेशी हल्के लड़ाकू हेलीकॉप्टर (एलसीएच) ‘प्रचंड’ में उड़ान भरी।
भारतीय सेना की सर्वोच्च कमांडर राष्ट्रपति मुर्मू ने ‘आलिव ग्रीन’ रंग की वर्दी और हेलमेट पहन ‘प्रचंड’ में बतौर ‘सह-पायलट’ उड़ान भरी।
आधिकारिक बयान के अनुसार यह मिशन दो विमानों के ‘एलसीएच फॉर्मेशन’ के रूप में क्रियान्वित किया गया।
राष्ट्रपति मुर्मु ने ग्रुप कैप्टन नयन शांतिलाल बहुआ के साथ पहले विमान में उड़ान भरी जबकि वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह और ग्रुप कैप्टन ए महेंद्र दूसरे विमान में नंबर दो के रूप में सवार थे।
लगभग 25 मिनट के इस मिशन के दौरान, उन्होंने गडिसर झील और जैसलमेर किले के ऊपर से उड़ान भरी और एक टैंक लक्ष्य पर हमला किया।
उन्होंने उड़ान के दौरान दिए अपने संदेश में ‘प्रचंड’ को आत्मनिर्भरता का सशक्त प्रतीक बताया।
उन्होंने कहा, ‘‘प्रचंड हेलीकॉप्टर आत्मनिर्भरता का प्रबल प्रतीक है। इस समय मैं जैसलमेर के प्रसिद्ध किले के ऊपर से उड़ान भर रही हूं। मैं देश के वीर बहादुर सैनिकों को अत्यंत गर्व के साथ बहुत-बहुत धन्यवाद देती हूं। आप लोगों को मेरा प्यार भरा नमस्कार… जय हिंद, जय भारत।”
इस ‘प्रचंड’ हेलिकॉप्टर ने जैसलमेर वायुसेना स्टेशन से उड़ान भरी। उड़ान से पहले कैप्टन ने राष्ट्रपति को जानकारी दी।
राष्ट्रपति ने उड़ान भरने से पहले कॉकपिट से हाथ हिलाकर अभिभावन किया। इस लगभग 25 मिनट की उड़ान में ‘प्रचंड’ पोकरण फायरिंग रेंज के ऊपर से उड़ा जहां वायुसेना आज शाम ‘वायु शक्ति’ अभ्यास करेगी। राष्ट्रपति मूर्मू भी इस अभ्यास को देखेंगी।
बाद में आगंतुक पुस्तिका में राष्ट्रपति ने संक्षिप्त टिप्पणी लिखकर अपनी भावनाओं को व्यक्त किया। इसमें उन्होंने लिखा, “भारत के स्वदेशी रूप से विकसित हल्के लड़ाकू हेलीकॉप्टर ‘प्रचंड’ में उड़ान भरना मेरे लिए एक समृद्ध अनुभव रहा है। इस उड़ान ने मुझे राष्ट्र की रक्षा क्षमताओं पर नए सिरे से गर्व का अनुभव कराया है। मैं भारतीय वायुसेना और वायुसेना स्टेशन जैसलमेर की पूरी टीम को इस उड़ान के सफल आयोजन के लिए बधाई देती हूं।”
इससे पहले वायुसेना के चीफ एयर मार्शल ए.पी. सिंह ने वायुसेना स्टेशन पर राष्ट्रपति की अगुवाई की। इसके साथ मुर्मू लड़ाकू हेलीकॉप्टर में बतौर ‘सह-पायलट’ उड़ान भरने वाली देश की पहली राष्ट्रपति बनी हैं।
उन्होंने पिछले साल अक्टूबर में हरियाणा के अंबाला के वायुसेना स्टेशन पर राफेल लड़ाकू विमान में उड़ान भरी थी। अप्रैल 2023 में मूर्मू ने असम के तेजपुर वायुसेना स्टेशन पर सुखोई-30 एमकेआई लड़ाकू विमान में उड़ान भरी थी। लगभग 30 मिनट की उड़ान में उन्होंने हिमालय के साथ ब्रह्मपुत्र और तेजपुर घाटी को आसमान से देखा।
एलसीएच ‘प्रचंड’ भारत का पहला देश में ही डिजाइन और बनाया गया लड़ाकू हेलीकॉप्टर है। इसे हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड ने बनाया है। इसमें कई ऐसी खूबियां है जो भारतीय वायुसेना की क्षमता को और मजबूत बनाते हैं।
भाषा पृथ्वी संतोष
संतोष

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