राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान पर हमला करके ‘बहुत बड़ी गलती’ की, इस युद्ध को रोकना आवश्यक: कंवल सिब्बल

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राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान पर हमला करके ‘बहुत बड़ी गलती’ की, इस युद्ध को रोकना आवश्यक: कंवल सिब्बल

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  • Publish Date - March 13, 2026 / 12:43 PM IST,
    Updated On - March 13, 2026 / 12:43 PM IST

(तस्वीर के साथ)

नयी दिल्ली, 13 मार्च (भाषा) पूर्व विदेश सचिव कंवल सिब्बल ने कहा है कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष को ‘‘रोकना जरूरी है’’ क्योंकि इस युद्ध की दुनिया भर के देशों को ‘‘असहनीय’’ कीमत चुकानी पड़ रही है।

सिब्बल ने कहा कि यदि तेल की कीमतें और बढ़ती हैं तो ‘ग्लोबल साउथ’, यूरोप और अमेरिका सहित दुनिया पर इस संघर्ष के वैश्विक असर होंगे। उन्होंने कहा कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ‘‘ईरान पर हमला करके बहुत बड़ी गलती की है’’ और इजराइल ने भी गलती की है।

आर्थिक रूप से कम विकसित देशों या विकासशील देशों के संदर्भ में ‘ग्लोबल साउथ’ शब्द का इस्तेमाल किया जाता है।

सिब्बल ने बेंगलुरु के थिंक-टैंक ‘साइनर्जिया’ द्वारा यहां एक राष्ट्रीय सम्मेलन के इतर बृहस्पतिवार को ‘पीटीआई वीडियो’ से कहा कि इजराइल और अमेरिका के हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की हाल में हुई मौत ने ईरान के जवाबी कार्रवाई के संकल्प को कमजोर करने के बजाय और मजबूत किया है।

पश्चिम एशिया में यह संघर्ष 28 फरवरी को अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान पर किए गए उस बड़े सैन्य हमले के बाद शुरू हुआ, जिसमें 86 वर्षीय अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई थी।

ईरान की 88 सदस्यीय ‘असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स’ ने अयातुल्ला अली खामेनेई के बेटे मोजतबा खामेनेई को उनका उत्तराधिकारी नियुक्त किया गया है।

सिब्बल ने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि इसे (संघर्ष को) रोकना आवश्यक है क्योंकि इस युद्ध की जो कीमत दुनिया भर के देशों को चुकानी पड़ रही है, वह असहनीय है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘वैश्विक अर्थव्यवस्था तेल और गैस से चलती है।… यदि इसकी आपूर्ति में व्यवधान आता है, यदि आपूर्ति पर्याप्त नहीं रहती है और यदि कीमतों में उछाल आता है तो इससे वैश्विक अर्थव्यवस्था प्रभावित होगी।’’

उन्होंने ‘पीटीआई वीडियो’ से साक्षात्कार में कहा, ‘‘और इसका असर सिर्फ भारत, ‘ग्लोबल साउथ’ या विकासशील देशों पर ही नहीं पड़ेगा, यूरोप और अमेरिका को भी इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा। पेट्रोल पंपों पर कीमतें पहले ही कई सेंट बढ़ चुकी हैं…।’’

उन्होंने कहा कि अब सऊदी अरब, दक्षिण कोरिया, जापान और अन्य देशों ने भी अपने भंडार खोल दिए हैं ताकि कीमतें कम हो सकें और अमेरिका रूसी तेल खरीदने पर भारत पर जिन प्रतिबंधों की धमकी दे रहा था, वह उनसे ‘‘पीछे हट गया’’ है और उसने भारत से वैश्विक कीमतों को स्थिर रखने के लिए रूसी तेल खरीदने को कहा है।

उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन यह केवल अस्थायी है… यदि युद्ध जारी रहता है तो वे अपने भंडार को वैश्विक बाजार में लगातार उपलब्ध नहीं करा सकते। आखिरकार, ये भंडार सीमित हैं। … मुझे लगता है कि यह बहुत बड़ी गलती है, बहुत बड़ी गलती, जो ट्रंप ने ईरान पर हमला करके की है और इजराइल ने भी।’’

सिब्बल ने कहा कि अमेरिका के हमलों की किसी न किसी चरण पर प्रतिक्रिया होगी।

उन्होंने कहा, ‘‘और यदि जवाब में ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य में दो पोत डुबो देता है या उसमें बारूदी सुरंगें बिछा देता है या खाड़ी क्षेत्र में अमेरिका की बैंकिंग एवं वित्तीय प्रणाली पर हमला शुरू कर देता है तो क्या होगा? सब कुछ ठप हो जाएगा। बैंकिंग प्रणाली, वित्तीय प्रणाली, इंटरनेट प्रणाली, सब कुछ ठप हो जाएगा।’’

भाषा सिम्मी शोभना

शोभना