प्रेस निकायों ने आनंदबाजार के पत्रकारों के खिलाफ प्राथमिकी की निंदा की, वापस लेने की मांग

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प्रेस निकायों ने आनंदबाजार के पत्रकारों के खिलाफ प्राथमिकी की निंदा की, वापस लेने की मांग

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  • Publish Date - September 1, 2026 / 07:32 PM IST,
    Updated On - September 1, 2026 / 07:32 PM IST

नयी दिल्ली, एक सितंबर (भाषा) इंडियन विमेंस प्रेस कोर (महिला प्रेस क्लब) और प्रेस एसोसिएशन ने यादवपुर विश्वविद्यालय में हुई झड़पों की रिपोर्ट में ‘‘गेरुआ गुंडागर्दी’’ शब्द के इस्तेमाल को लेकर आनंदबाजार पत्रिका के वरिष्ठ पत्रकारों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज किए जाने की मंगलवार को निंदा की।

दोनों प्रेस निकायों ने एक संयुक्त बयान में कहा कि बड़े पैमाने पर प्रसारित बांग्ला दैनिक समाचार पत्र आनंदबाजार पत्रिका की संपादक ईशानी दत्ता रॉय, मुख्य संवाददाता सोमा मुखर्जी और संपादकीय टीम के अन्य सदस्यों के खिलाफ यह प्राथमिकी 28 अगस्त को कोलकाता के बहू बाजार थाने में दर्ज की गई।

बयान के अनुसार, यह मामला तथाकथित हिन्दू संत शास्त्री महाराज की शिकायत पर आधारित है। उन्होंने 19-20 अगस्त को विश्वविद्यालय में हुई झड़पों पर अखबार की रिपोर्ट में इस्तेमाल किए गए शब्द ‘‘गेरुआ गुंडागर्दी’’ पर आपत्ति जताई थी।

बयान में कहा गया, ‘‘पत्रकार सच सामने लाने का काम करते हैं, जो कुछ लोगों को बुरा या अपमानजनक लग सकता है, लेकिन यह हमारे लोकतंत्र का मूल आधार है। पत्रकारों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की बढ़ती घटनाएं चिंताजनक हैं। यह पत्रकार को अपराधी की तरह पेश करता है और स्वतंत्र प्रेस की भूमिका प्रभावित होती है।’’

प्रेस निकायों ने कहा कि शिकायतकर्ता ने इस बात की पुलिस जांच की मांग की कि ‘‘यह शब्द किसने सुझाया, किसने इसे मंजूरी दी, रिपोर्ट का संपादन और हेडलाइन तय करने में कौन शामिल था, और क्या उनमें से किसी को यह जानकारी थी कि इससे धार्मिक भावनाओं को चोट पहुंच सकती है।’’

दोनों निकायों ने उसी दिन एक जनसभा में पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की टिप्पणियों का भी जिक्र किया, जिसमें उन्होंने इस शब्द के इस्तेमाल के लिए आनंदबाजार पत्रिका से माफी की मांग की थी।

बयान में कहा गया है, ‘‘हम मांग करते हैं कि राज्य और उसका तंत्र पत्रकारों को डराने-धमकाने और दबाने के लिए प्राथमिकी जैसे तरीकों का इस्तेमाल बंद करे और इसके बजाय लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए स्वतंत्र प्रेस का समर्थन करे। इसी के तहत, हम आनंदबाजार पत्रिका के पत्रकारों के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी को तुरंत वापस लेने की मांग करते हैं।’’

भाषा अविनाश पवनेश

पवनेश