नयी दिल्ली, एक सितंबर (भाषा) राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने मंगलवार को कहा कि उसने दिल्ली और उत्तर प्रदेश के गौतम बुद्ध नगर के पुलिस आयुक्तों को नोटिस जारी किए हैं। यह कदम चलती बस में 16 साल की लड़की के साथ कथित सामूहिक दुष्कर्म की घटना के बाद उठाया गया है।
मानवाधिकार आयोग ने पुलिस अधिकारियों से दो हफ्ते में रिपोर्ट मांगी है। उम्मीद है कि इस रिपोर्ट में जांच की स्थिति और पीड़ित को दिए गए मुआवजे (अगर कोई हो) की जानकारी शामिल होगी।
चार अगस्त की रात ग्रेटर नोएडा के परी चौक से बस में सवार हुई एक लड़की के साथ चलती बस में चालक और संवाहक ने कथित तौर पर दुष्कर्म किया। दोनों ने लड़की को नोएडा के सेक्टर-63 में उतारने का भरोसा देकर बस में बैठाया था। वारदात के बाद उसे उत्तरी दिल्ली के कश्मीरी गेट के पास छोड़ दिया गया।
दिल्ली पुलिस द्वारा कश्मीरी गेट पुलिस थाने में प्राथमिकी दर्ज करने के कुछ ही घंटों बाद, कानपुर के रहने वाले दो आरोपियों—बस चालक कुलदीप (39) और संवाहक संदीप (26)—को तिमारपुर के एक पार्किंग स्थल से गिरफ्तार कर लिया गया।
एनएचआरसी ने एक बयान में कहा है कि उसने एक मीडिया रिपोर्ट का स्वतः संज्ञान लिया है, जिसमें बताया गया है कि चार अगस्त को उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा से बस में सवार हुई 16 साल की एक लड़की के साथ बस के चालक और संवाहक ने सामूहिक दुष्कर्म किया।
खबरों के मुताबिक, आरोपियों ने उसे जान से मारने की धमकी दी और दिल्ली के कश्मीरी गेट बस अड्डे पर छोड़ दिया।
आयोग ने पाया है कि अगर खबर की बातें सच हैं, तो इससे मानवाधिकारों के उल्लंघन के गंभीर मुद्दे उठते हैं।
एनएचआरसी ने कहा, “इसलिए, इसने दिल्ली और गौतम बुद्ध नगर के पुलिस आयुक्तों और मैनपुरी के पुलिस अधीक्षक को नोटिस जारी कर दो हफ़्ते के अंदर इस मामले पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। उम्मीद है कि इस रिपोर्ट में जांच की स्थिति और पीड़ित को दिए गए मुआवजे (अगर कोई हो) की जानकारी शामिल होगी।”
मीडिया में 31 अगस्त की एक खबर के मुताबिक, उत्तर प्रदेश के मैनपुरी की रहने वाली एक लड़की अपने रिश्तेदार से मिलने के लिए नोएडा के सेक्टर-63 जा रही थी, लेकिन वह अपना स्टॉप भूल गई और परी चौक पर उतर गई। खबर के अनुसार, वहां से उसने यह पूछने के बाद कि बस नोएडा के सेक्टर 63 जा रही है, दूसरी बस पकड़ी।
भाषा प्रशांत माधव
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