बंगाल में प्राथमिक शिक्षक भर्ती: न्यायालय ने सीबीआई को अनियमितताओं की जांच करने की अनुमति दी

बंगाल में प्राथमिक शिक्षक भर्ती: न्यायालय ने सीबीआई को अनियमितताओं की जांच करने की अनुमति दी

बंगाल में प्राथमिक शिक्षक भर्ती: न्यायालय ने सीबीआई को अनियमितताओं की जांच करने की अनुमति दी
Modified Date: November 29, 2022 / 08:45 pm IST
Published Date: October 18, 2022 10:36 pm IST

नयी दिल्ली, 18 अक्टूबर (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा प्रायोजित एवं सहायता प्राप्त विद्यालयों में प्राथमिक शिक्षकों की नियुक्ति में कथित अनियमितताओं की जांच आगे बढ़ाने की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को मंगलवार को अनुमति दे दी।

शीर्ष न्यायालय अतिरिक्त सॉलीसीटर जनरल एस वी राजू की दलील से सहमत हो गया। सीबीआई की ओर से पेश हुए राजू ने दलील दी कि जांच एजेंसी असाधारण पहलुओं वाले एक भर्ती घोटाले का पर्दाफाश करने की प्रक्रिया में जुटी हुई है। साथ ही, इस समय जांच से प्रथम दृष्टया यह खुलासा होता है कि नियुक्तियों में धन का लेनदेन हुआ।

न्यायमूर्ति अनिरूद्ध बोस और न्यायमूर्ति विक्रम नाथ की पीठ ने कहा, ‘‘लेकिन सीबीआई के वकील की दलील और एजेंसी की जांच की प्रगति पर विचार करते हुए हम इस समय इस तरह ही जांच को अटकाना नहीं चाहते तथा यह देखने का इंतजार करें कि क्या राज्य पुलिस इसी तरह से निष्पक्ष सुनवाई कर सकती है।’’

न्यायालय ने शिक्षक के तौर पर 269 उम्मीदवारों की भर्ती को रद्द करने के कलकत्ता उच्च न्यायालय के आदेश पर भी रोक लगा दी।

शीर्ष न्यायालय ने निर्देश दिया कि ये 269 व्यक्ति बताये गये पदों पर अपनी-अपनी भर्ती का बचाव करने के लिए हलफनामा दाखिल करें। न्यायालय ने नियुक्ति करने वाले प्राधिकार से उनकी नियुक्तियों की वैधता की जांच करने को कहा।

पीठ ने कहा, ‘‘सीबीआई, विशेष जांच दल के तहत अपनी जांच जारी रखेगी, जैसा कि एकल न्यायाधीश ने निर्देश दिया था। साथ ही, जांच की प्रगति के बारे में इस न्यायालय के समक्ष चार हफ्तों की अवधि के अंदर एक व्यापक रिपोर्ट दाखिल करे। ’’

हालांकि, शीर्ष न्यायालय ने पश्चिम बंगाल प्राथमिक शिक्षा बोर्ड के अधिकारिक अध्यक्ष पद से डॉ माणिक भट्टाचार्य को हटाने के उच्च न्यायालय के निर्देश पर अपने अगले आदेश तक रोक लगा दी।

भाषा सुभाष मनीषा

मनीषा


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