नयी दिल्ली, 28 जुलाई (भाषा) निजी क्षेत्र के बैंकों ने वित्त वर्ष 2026 में अपने चालू खातों और बचत खातों में न्यूनतम औसत राशि बनाए रखने में विफल रहने पर खाताधारकों से 4,948.71 करोड़ रुपये एकत्र किए हैं। सरकार ने मंगलवार को संसद को यह जानकारी दी।
वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में कहा कि समीक्षाधीन अवधि के दौरान, सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (पीएसबी) ने न्यूनतम औसत राशि (चालू खाता और बचत खाता) बनाए न रखने के लिए 2,137.92 करोड़ रुपये एकत्र किए।
उन्होंने भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि एचडीएफसी बैंक ने वित्तवर्ष 2026 के दौरान सबसे अधिक राशि – 1,798.14 करोड़ रुपये, उसके बाद एक्सिस बैंक ने 1,081.33 करोड़ रुपये एकत्र किए।
निजी क्षेत्र के इन दोनों ऋणदाताओं ने न्यूनतम औसत शेष न बनाए रखने के शुल्क के रूप में 2,879.47 करोड़ रुपये एकत्र किए। यह 19 निजी क्षेत्र के बैंकों द्वारा किए गए कुल संग्रह का 58 प्रतिशत है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जन धन योजना (पीएमजेडीवाई) खातों आदि सहित बुनियादी बचत बैंक जमा खातों पर कोई दंडात्मक शुल्क नहीं लगाया जाता है।
भाषा राजेश राजेश अविनाश
अविनाश