नयी दिल्ली, 16 जून (भाषा) राज्यसभा सचिवालय ने शुक्रवार को बताया कि सदन में वीबी-जी राम जी विधेयक पर चर्चा के दौरान तृणमूल कांग्रेस की सदस्य ममता ठाकुर और पूर्व सांसद मौसम नूर के खिलाफ विशेषाधिकारों के कथित उल्लंघन और सदन की अवमानना के आरोपों की जांच सदन की विशेषाधिकार समिति करेगी।
सचिवालय के एक बुलेटिन के मुताबिक भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद लक्ष्मीकांत बाजपेयी ने दोनों के खिलाफ शिकायत की थी।
बाजपेयी ने आरोप लगाया कि दोनों ने ‘‘असंसदीय बातें कहीं, सदन के सुचारू कामकाज में रुकावट डाली, आसन के पास पहुंचे और इस तरह 18 और 19 दिसंबर को ‘विकसित भारत – रोजगार और आजीविका मिशन गारंटी (ग्रामीण) विधेयक, 2025 पर’ चर्चा के दौरान सदन की मदद कर रहे अधिकारियों को परेशानी हुई।’’
बुलेटिन में कहा गया, ‘‘तथ्यों पर विचार करने के बाद राज्यसभा के सभापति ने मामले को राज्यसभा के प्रक्रिया और कामकाज के नियमों के नियम 203 के तहत, जांच और रिपोर्ट देने के लिए विशेषाधिकार समिति को भेज दिया है।’’
नूर ने हाल में तृणमूल कांग्रेस छोड़कर कांग्रेस में शामिल होने के बाद पांच जनवरी को राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था।
संप्रग सरकार के समय के ग्रामीण रोजगार कानून ‘मनरेगा’ की जगह लेने वाला ‘वीबी-जी राम जी विधेयक’ विपक्षी सांसदों के जोरदार विरोध के बीच 19 दिसंबर को राज्यसभा में पारित हुआ था। तृणमूल कांग्रेस के सांसदों ने विधेयक पारित होने के खिलाफ संसद परिसर में रात भर धरना दिया था।
भाषा वैभव मनीषा
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