प्रियंका गांधी राजनीति के लिए जुबिन गर्ग के अंत्येष्टि स्थल पर पहुंचीं: मुख्यमंत्री हिमंत

प्रियंका गांधी राजनीति के लिए जुबिन गर्ग के अंत्येष्टि स्थल पर पहुंचीं: मुख्यमंत्री हिमंत

प्रियंका गांधी राजनीति के लिए जुबिन गर्ग के अंत्येष्टि स्थल पर पहुंचीं: मुख्यमंत्री हिमंत
Modified Date: February 22, 2026 / 09:51 pm IST
Published Date: February 22, 2026 9:51 pm IST

गुवाहाटी, 22 फरवरी (भाषा) असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने रविवार को कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाद्रा पर जुबिन गर्ग के निधन पर राजनीति करने का आरोप लगाया। यह आरोप उन्होंने प्रियंका के जुबिन गर्ग के अंत्येष्टि स्थल पर पहुंचने के दो दिन बाद लगाया।

शर्मा ने भाजपा प्रदेश मुख्यालय में पत्रकारों के साथ बातचीत में घोषणा की कि विधानसभा चुनाव समाप्त होने तक वह जुबिन गर्ग के अंत्येष्टि स्थल ‘जुबिन क्षेत्र’ में नहीं जाएंगे।

उन्होंने कहा, ‘‘जुबिन क्षेत्र का इस्तेमाल राजनीतिक उद्देश्यों के लिए नहीं किया जाना चाहिए। प्रियंका गांधी राजनीतिक उद्देश्यों से असम आईं और अंत्येष्टि स्थल पर सिर्फ दो मिनट बिताए।’’

शर्मा ने कहा कि राजनीतिक उद्देश्यों से आने वाले किसी भी व्यक्ति को जुबिन क्षेत्र नहीं जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यही कारण है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी या केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पिछले तीन महीनों में कई बार राज्य का दौरा करने के बावजूद वहां नहीं गए।

शर्मा ने आरोप लगाते हुए कहा, ‘‘प्रियंका गांधी शहीद स्मारक या डॉ. भूपेन हजारिका के स्मारक पर क्यों नहीं गईं? कांग्रेस खुलेआम जुबिन गर्ग के मुद्दे पर राजनीति कर रही है। उन्होंने लोगों को भावुक किया और वोट मांगे।’’

शुक्रवार को प्रियंका ने गर्ग के अंत्येष्टि स्थल का दौरा किया और कहा कि यह दिग्गज संगीतकार ‘‘असम की आत्मा की आवाज’’ थे और वह ‘‘राजनीति से ऊपर’’ हैं।

कांग्रेस नेता, जो आगामी विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी उम्मीदवारों का चयन करने के लिए राज्य के दो दिवसीय दौरे पर हैं, ने बिना मीडिया की मौजूदगी के गुवाहाटी के बाहरी इलाके सोनपुर में स्थित ‘जुबिन क्षेत्र’ का अचानक दौरा किया।

प्रसिद्ध गायक जुबिन गर्ग का पिछले साल 19 सितंबर को सिंगापुर में समुद्र में तैरते समय रहस्यमय परिस्थितियों में निधन हो गया था। वह उत्तर पूर्व भारत महोत्सव (एनईआईएफ) के चौथे संस्करण में भाग लेने के लिए द्वीपीय देश में गए थे।

मुख्यमंत्री ने दावा किया कि पिछले साल नवंबर में जुबिन गर्ग के जन्मदिन पर लगभग 12,000 भाजपा कार्यकर्ताओं ने रक्तदान किया था।

उन्होंने कहा, ‘‘किसका योगदान अधिक है – प्रियंका गांधी का, जिन्होंने दो मिनट दिए, या मेरा, जिसने 12,000 रक्तदाताओं की व्यवस्था की? लोग गर्ग के नाम का इस्तेमाल करके राजनीति कर रहे हैं।’’

शर्मा ने कहा कि ‘जुबिन क्षेत्र’ बनाने के लिए जगह का चयन और सारी व्यवस्था खुद उन्होंने ही की थी।

उन्होंने कहा, ‘‘अगर प्रियंका गांधी और राहुल गांधी में हिम्मत है, तो वे शहीद स्मारक जाकर यह स्वीकार करें कि असम आंदोलन के दौरान उनके दादा-दादी ने गुनाह किए थे।’’

पिछले साल दिसंबर में राज्य की राजधानी में ‘शहीद स्मारक’ का उद्घाटन किया गया था, जो छह साल तक चले असम आंदोलन में शहीद हुए असमिया समुदाय के 850 से अधिक लोगों की याद में बनाया गया है।

शर्मा ने कहा, ‘‘चुनाव खत्म होने तक मैं ‘जुबिन क्षेत्र’ नहीं जाऊंगा। मेरा मानना ​​है कि चुनाव लड़ रहे किसी भी उम्मीदवार को वहां नहीं जाना चाहिए।’’

गर्ग की मौत के मामले में त्वरित सुनवाई के लिए त्वरित अदालत स्थापित करने की जनता की मांग के बारे में मुख्यमंत्री ने दावा किया कि इस संबंध में एक ‘षड्यंत्र’ रचा जा रहा है।

उन्होंने कहा, ‘‘जिस न्यायाधीश की अदालत में यह मामला अभी है, उन्होंने आरोपियों की तीन जमानत याचिकाएं खारिज कर दी हैं। इसे देखकर दो अन्य आरोपियों ने भी अपनी जमानत याचिकाएं वापस ले लीं।’’

शर्मा ने दावा किया कि आरोपियों की मदद के लिए इस न्यायाधीश से मामला छीनने की तैयारी चल रही है।

उन्होंने कहा, ‘‘यह एक खास न्यूज चैनल, एक खास अखबार और कांग्रेस की मिलीभगत है, जिसका मकसद न्यायाधीश को बदलना, चुनाव से पहले आरोपियों को जमानत दिलाना और इसका दोष भाजपा पर डालना है।’’

शर्मा ने कहा, ‘‘यह महज राजनीति है। जमानत दिलवाने और भाजपा को मुश्किल में डालने की साजिश रची जा रही है।’’

उन्होंने कहा कि असम मंत्रिमंडल 26 फरवरी को इस मामले को त्वरित अदालत को सौंपने के बारे में फैसला करेगा।

भाषा संतोष नेत्रपाल

नेत्रपाल


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