प्रियंका गांधी ने दिवंगत गायक जुबिन गर्ग को ‘असम की आत्मा की आवाज’ बताया
प्रियंका गांधी ने दिवंगत गायक जुबिन गर्ग को ‘असम की आत्मा की आवाज’ बताया
गुवाहाटी, 20 फरवरी (भाषा) कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाद्रा ने दिवंगत गायक जुबिन गर्ग को यहां उनके अंत्येष्टि स्थल पर जाकर श्रद्धांजलि दी और कहा कि वह ‘‘असम की आत्मा की आवाज’’ थे।
आगामी असम विधानसभा चुनावों के लिए कांग्रेस उम्मीदवारों का चयन करने के वास्ते राज्य के दो दिवसीय दौरे पर आईं प्रियंका ने यह भी कहा कि गर्ग ‘‘राजनीति से ऊपर’’ थे।
वह सुबह मीडिया की मौजूदगी के बिना गुवाहाटी के बाहरी इलाके सोनपुर स्थित दिवंगत गायक के अंत्येष्टि स्थल ‘जुबिन क्षेत्र’ पर अचानक पहुंचीं।
प्रियंका के साथ कांग्रेस की असम इकाई के अध्यक्ष गौरव गोगोई, विपक्ष के नेता देबब्रत सैकिया और पार्टी महासचिव जितेंद्र सिंह भी थे।
‘जुबिन क्षेत्र’ की उनकी यात्रा के बारे में पूछे जाने पर प्रियंका ने कहा, ‘‘हमें इन चीजों से राजनीतिक लाभ नहीं लेना चाहिए। यह एक भावनात्मक मामला है। कल मैंने इस बारे में अपने पार्टी कार्यकर्ताओं से बात की थी। जब जुबिन जी की मृत्यु हुई, तो असम से बाहर के लोगों ने देखा कि लोग उनसे कितना प्यार करते हैं और उनका कितना सम्मान करते हैं। प्रत्येक परिवार का हर सदस्य रोया। हमने यह सब सोशल मीडिया पर और खबरों में देखा।’’
कांग्रेस सांसद ने यह भी कहा कि असम के बाहर रहने वालों ने देखा कि जुबिन की मृत्यु के बाद लोगों की भावनाएं उमड़ पड़ी थीं, क्योंकि वे उनसे भावनात्मक रूप से जुड़े हुए थे।
कांग्रेस सांसद ने कहा, ‘‘कल मैंने पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा था कि जुबिन जी असम की आत्मा की आवाज थे, असम की अभिव्यक्ति थे। असम की संस्कृति को जुबिन गर्ग ने ही कायम रखा। उनके सभी गीत, अगर आप सुनें, तो उनमें किसी से नफरत करने या किसी पर हमला करने की बात नहीं है। ऐसा बिल्कुल नहीं है।’’
उन्होंने कहा कि गर्ग के हर गीत और हर शब्द में ‘‘प्रेम और एकता का संदेश’’ निहित है और उनके गायन ने असम की अस्मिता, संस्कृति और सभ्यता को कायम रखा।
गर्ग की पिछले साल 19 सितंबर को सिंगापुर में समुद्र में तैरते समय रहस्यमय परिस्थितियों में मृत्यु हो गई थी। वह ‘नॉर्थ ईस्ट इंडिया फेस्टिवल’ (एनईआईएफ) के चौथे संस्करण में भाग लेने के लिए वहां गए थे।
कांग्रेस सांसद ने दावा किया कि जिन लोगों से उन्होंने बात की, उनमें से कई का मानना है कि ‘‘आजकल हिंसा और हमलों की जो चर्चा हर दिन हुआ करती है, वह असम की संस्कृति नहीं है।’’
प्रियंका ने बताया, ‘‘कल मैं अपने पार्टी कार्यकर्ताओं से कह रही थी कि हम भी इसी के लिए लड़ रहे हैं। एक तरह से, हमारी लड़ाई असम की संस्कृति और सभ्यता की रक्षा के लिए है। हम जुबिन गर्ग का इस्तेमाल राजनीति के लिए नहीं करना चाहते और किसी को भी ऐसा नहीं करना चाहिए। वह राजनीति से ऊपर थे।’’
उन्होंने कहा कि लोगों के प्रति गर्ग का लगाव ‘‘भावनात्मक’’ था और ‘‘वह राजनीति में नहीं थे और न ही मुख्यमंत्री बनना चाहते थे।’’
कांग्रेस सांसद ने कहा, ‘‘जब मैं सुबह वहां (जुबिन क्षेत्र) गई, सच कहूं तो मेरे लिए भी वह एक भावुक क्षण था। मैं पहले जुबिन जी के बारे में ज्यादा नहीं जानती थी, लेकिन मैंने उन्हें जानने और समझने की कोशिश की… जब मैं वहां गई, तो मैंने देखा कि लोग स्वत: ही पहुंच रहे हैं। वे रात के 1 बजे भी वहां आ रहे हैं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘ऐसे व्यक्ति बहुत कम होते हैं, जिनसे लोग इस तरह जुड़े होते हैं। और वह बहुत खास होते हैं।’’
कांग्रेस नेता ने कहा कि ‘जुबिन क्षेत्र’ एक पवित्र स्थान होना चाहिए क्योंकि अब पूरा देश उनके बारे में जानता है।
उन्होंने कहा, ‘‘इसे किसी भी नकारात्मक भावना से नहीं जोड़ा जाना चाहिए। हम सभी को इस स्थान का सम्मान करना चाहिए।’’
प्रियंका ने कहा, ‘‘इसलिए मैं वहां गई। मैं राजनीतिक कारणों से नहीं गई। उनकी मृत्यु के बाद, पहली बार असम आने पर मैंने सोचा कि मुझे चुपचाप जाकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करनी चाहिए… मैं बस यही चाहती थी।’’
हालांकि, कांग्रेस नेता के ‘जुबिन क्षेत्र’ की यात्रा के दौरान वहां कोई मीडियाकर्मी मौजूद नहीं था, लेकिन दिवंगत गायक को श्रद्धांजलि अर्पित करने का प्रियंका का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। यह वीडियो मोबाइल फोन के जरिये बनाया गया है।
गर्ग के अंत्येष्टि स्थल की उनकी यात्रा के दौरान, करीब तीन से चार लोगों, जिनमें ज्यादातर महिलाएं थीं, ने प्रियंका को ‘गमोसा’ भेंट किया और उनके पैर छूने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं करने को कहा।
महिलाओं को तस्वीरें लेते देखा गया, जबकि कुछ ने ‘सेल्फी’ ली। प्रियंका को लोगों से बात करते भी देखा गया।
भाषा सुभाष दिलीप
दिलीप

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