यूडीएफ और एलडीएफ नेताओं को ‘भुगतान’ के कारण विजयन के खिलाफ जांच रुकी: भाजपा
यूडीएफ और एलडीएफ नेताओं को ‘भुगतान’ के कारण विजयन के खिलाफ जांच रुकी: भाजपा
तिरुवनंतपुरम, 24 सितंबर (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की केरलम इकाई के उपाध्यक्ष शॉन जॉर्ज ने बृहस्पतिवार को आरोप लगाया कि खनन कंपनी सीएमआरएल से संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) और वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) के नेताओं को मिले ‘‘भुगतान’’ के कारण प्रदेश सरकार ने विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष पिनराई विजयन व उनके परिवार के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों की सतर्कता जांच का आदेश नहीं दिया।
उन्होंने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की एक रिपोर्ट के आधार पर सतर्कता जांच के बजाय पुलिस जांच का आदेश देने के केरलम सरकार के हालिया फैसले के संदर्भ में यह आरोप लगाया।
ईडी की रिपोर्ट में पूर्व मुख्यमंत्री पिनराई विजयन, उनकी बेटी वीणा, उनके पति और पूर्व मंत्री मोहम्मद रियास (जो वर्तमान में माकपा विधायक हैं) से जुड़े कथित धनशोधन लेनदेन का उल्लेख किया गया है।
जॉर्ज ने यहां भाजपा के प्रदेश मुख्यालय में आयोजित संवाददाता सम्मेलन के दौरान यह आरोप लगाया।
जॉर्ज ने संवाददाता सम्मेलन से पहले ‘फेसबुक’ पर एक कथित डायरी का पन्ना जारी किया, जिसे कोचीन मिनरल्स एंड रुटाइल लिमिटेड (सीएमआरएल) के कामकाज की जांच के दौरान जब्त किया गया था।
उन्होंने आरोप लगाया कि इसमें मुख्यमंत्री वीडी सतीशन समेत यूडीएफ और एलडीएफ के कई नेताओं को किए गए भुगतानों का ब्योरा दर्ज है।
जॉर्ज ने ‘फेसबुक’ पर पोस्ट में सवाल उठाया कि सतर्कता जांच क्यों नहीं की गई और दावा किया कि उस पन्ने पर लिखे आंकड़े कई सवालों का जवाब देते हैं।
उन्होंने दावा किया, ‘‘यह विवादित कंपनी के प्रबंध निदेशक से जब्त की गई डायरी का एक पन्ना है और आरोपपत्र के साथ गंभीर धोखाधड़ी जांच कार्यालय (एसएफआईओ) द्वारा अदालत में सौंपे गए दस्तावेजों में शामिल है।’’
कॉरपोरेट कार्य मंत्रालय ने जनवरी 2024 में गंभीर धोखाधड़ी जांच कार्यालय को सीएमआरएल की जांच का आदेश दिया था।
जॉर्ज ने संवाददाता सम्मेलन के दौरान कहा कि यह पन्ना उन्हें एक ऑनलाइन समाचार पोर्टल ने उपलब्ध कराया था।
जॉर्ज ने आरोप लगाया कि इस पन्ने पर यूडीएफ और एलडीएफ के 29 नेताओं के नाम दर्ज हैं और उनके नाम के सामने दो कॉलम में रकम लिखी हुई है।
जॉर्ज के सोशल मीडिया पोस्ट के अनुसार, इस पन्ने पर दर्ज कथित नामों में ‘‘पी के कुन्हालीकुट्टी’’ का नाम शामिल है, जिनके सामने कथित रूप से 15 लाख रुपये, ‘‘रमेश चेन्निथला’’ के सामने 10 लाख रुपये और ‘‘वी डी सतीशन’’ के सामने दो लाख रुपये की राशि लिखी हुई है।
केरलम में मुख्यमंत्री वीडी सतीशन के नेतृत्व वाली यूडीएफ सरकार में रमेश चेन्निथला गृह विभाग जबकि कुन्हालीकुट्टी उद्योग मंत्री का पद संभाल रहे हैं।
जॉर्ज के आरोपों पर इन नेताओं की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई।
वर्तमान में नेता प्रतिपक्ष पिनराई विजयन के नाम के सामने कथित तौर पर 15 लाख रुपये और 10 लाख रुपये की राशि लिखी हुई है, जबकि ‘‘गोविंदन मास्टर’’ नाम से दर्ज व्यक्ति के सामने पांच लाख रुपये की राशि लिखी हुई है।
जॉर्ज ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि ईडी के पत्र के आधार पर जांच का आदेश देने के गृह विभाग के फैसले में गंभीर चूक हुई है।
ईडी ने आरोप लगाया कि सीएमआरएल ने वीणा की कंपनी एक्सालॉजिक सॉल्यूशंस को ‘‘आईटी परामर्श सेवाओं’’ की आड़ में 2.78 करोड़ रुपये का कथित रूप से फर्जी भुगतान किया था।
ये कंपनी हालांकि अब बंद हो चुकी है।
भाषा जितेंद्र नरेश
नरेश

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