आत्मनिर्भर होने के लिए जैव ईंधन उत्पादन को बढ़ावा देना आवश्यक: गडकरी

आत्मनिर्भर होने के लिए जैव ईंधन उत्पादन को बढ़ावा देना आवश्यक: गडकरी

आत्मनिर्भर होने के लिए जैव ईंधन उत्पादन को बढ़ावा देना आवश्यक: गडकरी
Modified Date: May 31, 2026 / 12:37 am IST
Published Date: May 31, 2026 12:37 am IST

लोनावाला, 30 मई (भाषा) केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने शनिवार को कहा कि भारत में बिटुमेन और विमानन ईंधन (एटीएफ) का कम उत्पादन होता है तथा आयात पर निर्भरता घटाने के लिए घरेलू स्तर पर जैव ईंधन उत्पादन बढ़ाने की आवश्यकता है।

गडकरी ने एक कार्यक्रम में कहा कि देश में हर वर्ष लगभग 120 लाख टन बिटुमेन की जरूरत होती है, जबकि घरेलू पेट्रोलियम कंपनियां केवल करीब 50 लाख टन उत्पादन करने में सक्षम हैं। इसके कारण भारत को हर साल 60 से 70 लाख टन बिटुमेन का आयात करना पड़ता है।

उन्होंने कहा कि बिटुमेन की कीमत 45 रुपये प्रति किलोग्राम से बढ़कर 80 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई है।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि बिटुमेन और अन्य पेट्रोलियम उत्पादों के आयात पर बड़ी मात्रा में विदेशी मुद्रा खर्च हो रही है, इसलिए स्वदेशी और वैकल्पिक उत्पादन स्रोत विकसित करना जरूरी है।

उन्होंने यह भी कहा कि देश विमानन टरबाइन ईंधन (एटीएफ) की कमी का भी सामना कर रहा है।

उन्होंने कहा, “नागपुर से संचालित होने वाली पांच उड़ानों का परिचालन अगले कुछ दिन में थम जाएगा। इसका कारण यात्रियों की कमी नहीं बल्कि ईंधन की कमी है, जिसके चलते संचालकों को सेवाएं निलंबित करनी पड़ रही हैं।”

भाषा

राखी वैभव

वैभव


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