विरोध के बावजूद शरिया का प्रचार जारी रहेगा: मुसलियार
विरोध के बावजूद शरिया का प्रचार जारी रहेगा: मुसलियार
कोझिकोड (केरलम), छह सितंबर (भाषा) मुस्लिम महिलाओं की सार्वजनिक उपस्थिति पर टिप्पणी के बाद विवादों में घिरे इस्लामी विद्वान कांतापुरम ए. पी. अबूबकर मुसलियार ने कहा है कि विरोध के बावजूद शरिया का प्रचार जारी रहेगा।
इससे पहले, महिलाओं को सार्वजनिक मंचों पर लाने से ‘‘बड़ा विनाश’’ होने की मुसलियार की टिप्पणी पर मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन सहित कई प्रमुख हस्तियों ने प्रतिक्रिया व्यक्त की थी।
सतीशन ने इस विचार को 19वीं सदी की सोच करार दिया था।
कोझिकोड में शनिवार रात आयोजित अंतरराष्ट्रीय मिलाद सम्मेलन में मुसलियार ने कहा कि शरिया (इस्लामी कानून) अल्लाह का कानून है और पैगंबर की सीख है।
उन्होंने कहा, ‘‘जब हम शरिया की बात करते हैं, तो यह अल्लाह का कानून है- वह शरिया जिसे पैगंबर ने सिखाया है।’’
उन्होंने कहा कि पैगंबर ने सिखाया है कि शरिया को बनाए रखने वाला समूह कयामत के दिन तक रहेगा और इसके बारे में बात करता रहेगा।
मुसलियार ने कहा कि केरलम के हर जिले में शरिया सम्मेलन आयोजित किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा, ‘‘मुझे उम्मीद है कि आप सभी एक साथ आएंगे और इसमें सहयोग करेंगे।’’
विवाद के बाद मुसलियार ने महिलाओं पर अपनी टिप्पणी को लेकर स्पष्टीकरण देते हुए कहा था कि वह उन लोगों में से नहीं हैं जो महिलाओं की आवाज को दबाने या उन्हें घरों तक सीमित रखने की वकालत करते हैं।
उन्होंने इस बात पर बल दिया कि कई महिलाओं को शिक्षा और अवसर प्रदान किए जा रहे हैं।
भाषा खारी सिम्मी
सिम्मी

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