मनुस्मृति पर ‘दुष्प्रचार’ समावेशी सोच को तार-तार करने की साजिश: नकवी

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मनुस्मृति पर ‘दुष्प्रचार’ समावेशी सोच को तार-तार करने की साजिश: नकवी

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  • Publish Date - September 2, 2026 / 05:49 PM IST,
    Updated On - September 2, 2026 / 05:49 PM IST

नयी दिल्ली, दो सितंबर (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने बुधवार को कहा कि मनुस्मृति और अस्पृश्यता को लेकर ‘काल्पनिक भय और भ्रम’ पैदा करने का प्रयास हो रहा है तथा यह ‘‘दुष्प्रचार’’ भारत की सर्वधर्म समभाव वाली समावेशी सोच को तार-तार करने की साजिश है।

नकवी के कार्यालय की ओर से जारी विज्ञप्ति के अनुसार, उन्होंने रामपुर में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि भारतीय लोकतंत्र और सरकारों का धर्मग्रंथ संविधान है और देश संविधान से चलता है, जबकि विभिन्न धर्मों के धर्मग्रंथ धार्मिक आस्था के मार्गदर्शक हैं।

उन्होंने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर कटाक्ष करते हुए कहा कि वह विपक्ष के लिए ‘एसेट’ के बजाय ‘लायबिलिटी’ और ताकत के बजाय ‘‘आफत’’ बनते जा रहे हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों, नौजवानों, किसानों, अल्पसंख्यकों, दलितों और पिछड़ों के कंधों पर बंदूक रखकर तथा भय और भ्रम की ‘‘काल्पनिक साजिश’’ के पीछे देश में अस्थिरता और अराजकता का ‘‘प्रायोजित प्रचार’’ किया जा रहा है।

भाषा हक हक पवनेश

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