महिलाओं की बॉडीबिल्डिंग प्रतियोगिता कराने पर सांकेतिक विरोध जताया, गोबर के घोल का छिड़काव किया

महिलाओं की बॉडीबिल्डिंग प्रतियोगिता कराने पर सांकेतिक विरोध जताया, गोबर के घोल का छिड़काव किया

महिलाओं की बॉडीबिल्डिंग प्रतियोगिता कराने पर सांकेतिक विरोध जताया, गोबर के घोल का छिड़काव किया
Modified Date: January 13, 2026 / 10:41 pm IST
Published Date: January 13, 2026 10:41 pm IST

भुवनेश्वर, 13 जनवरी (भाषा) भुवनेश्वर में भगवान लिंगराज मंदिर के पास स्थित भजन मंडप में महिलाओं की ‘बॉडीबिल्डिंग’ प्रतियोगिता आयोजित किये जाने के बाद एक स्थानीय संगठन ने इसका सांकेतिक रूप से विरोध करते हुए आयोजन स्थल पर गाय के गोबर के घोल का छिड़काव किया।

भजन मंडप में 12वीं ‘ईस्ट जोन मेंस एंड वूमेंस बॉडीबिल्डिंग एंड फिजिक स्पोर्ट्स चैंपियनशिप 2026’ का आयोजन 10 और 11 जनवरी को किया गया। इस प्रतियोगिता में पूर्वी राज्यों के कई पुरुष और महिला बॉडीबिल्डर ने भाग लिया।

संगठन के एक सदस्य ने बताया कि भुवनेश्वर में ‘पुरुना भुवनेश्वर सचेतन नागरिक बृंदा’ के सदस्यों ने महिला प्रतिभागियों द्वारा शरीर का प्रदर्शन किये जाने के विरोध में मंगलवार को ‘शुद्धिकरण अनुष्ठान’ के रूप में गोबर छिड़का।

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नागरिक मंच की सदस्य चाबी स्वैन ने कहा, ‘‘महिलाओं ने छोटे कपड़े पहनकर अपने शरीर का प्रदर्शन किया, जिससे पवित्र स्थान अपवित्र हो गया। इसलिए, हमने भगवान लिंगराज के भजन मंडप को शुद्ध करने के लिए गाय के गोबर का घोल छिड़का।’’

स्थानीय पार्षद सिबा प्रसाद बेहरा ने कहा कि मंडप में इस तरह की बॉडीबिल्डिंग चैंपियनशिप का आयोजन करना उचित नहीं है।

बेहरा ने कहा, ‘‘हम मांग करते हैं कि भविष्य में भगवान लिंगराज मंदिर के पास इस तरह का कोई कार्यक्रम आयोजित न किया जाए।’’

महिला बॉडीबिल्डर अनुपमा स्वैन ने कहा, ‘‘बॉडीबिल्डिंग एक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिता है। जिस तरह तैराकी प्रतियोगिता में पोशाक का अपना नियम होता है, उसी तरह बॉडीबिल्डिंग चैंपियनशिप में भी ‘ड्रेस कोड’ होता है और हमने उसका पालन किया। गोबर का घोल छिड़ककर विरोध करना हमारे प्रति अनादर है।’’

‘ओडिशा बॉडीबिल्डिंग एसोसिएशन’ की अध्यक्ष सुमित्रा त्रिपाठी ने कहा, ‘‘जो लोग इस खेल आयोजन के बारे में नहीं जानते, वे कह सकते हैं कि महिलाओं ने अपने शरीर का प्रदर्शन करने के लिए छोटे कपड़े पहने थे। प्रतिभागियों ने कुछ भी गलत नहीं किया है, उन्होंने केवल ‘ड्रेस कोड’ का पालन किया है।’’

भाषा यासिर संतोष

संतोष


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