मुख्यमंत्री पद से सिद्धरमैया के इस्तीफे के बाद कर्नाटक के कई हिस्सों में प्रदर्शन

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मुख्यमंत्री पद से सिद्धरमैया के इस्तीफे के बाद कर्नाटक के कई हिस्सों में प्रदर्शन

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  • Publish Date - May 28, 2026 / 08:24 PM IST,
    Updated On - May 28, 2026 / 08:24 PM IST

(तस्वीरों के साथ)

बेंगलुरु, 28 मई (भाषा) कांग्रेस नेता सिद्धरमैया के समर्थकों ने कर्नाटक के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के उनके फैसले के खिलाफ बृहस्पतिवार को राज्य के कई हिस्सों में प्रदर्शन किया।

बेंगलुरु में सिद्धरमैया के आधिकारिक आवास ‘कावेरी’ के बाहर भावुक दृश्य देखने को मिले, जहां बड़ी संख्या में समर्थक एकत्र हो गए और उनसे इस्तीफा न देने का आग्रह किया। इस दौरान, सिद्धरमैया अपने समर्थकों को सांत्वना देने की कोशिश करते नजर आए।

जब सिद्धरमैया राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंपने के लिए लोक भवन की ओर रवाना होने लगे, तो कुछ समर्थकों ने उनका वाहन रोकने का भी प्रयास किया।

शिवमोगा शहर में सिद्धरमैया के समर्थकों ने शिवप्पा नायक सर्कल पर प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन का नेतृत्व कुरुबा समुदाय के सदस्यों ने किया।

मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के सिद्धरमैया के फैसले पर नाखुशी जाहिर करते हुए प्रदर्शनकारियों ने टायर जलाए। उन्होंने सिद्धरमैया से पद पर बने रहने की मांग करते हुए उनके समर्थन में नारे भी लगाए।

यादगिर में कर्नाटक प्रदेश कुरुबारा संघ की जिला इकाई के सदस्यों ने नेताजी सर्कल पर कांग्रेस आलाकमान के खिलाफ नारे लगाए और सिद्धरमैया का इस्तीफा स्वीकार न किए जाने की मांग की। उन्होंने सड़कों पर टायर जलाए और मानव शृंखला बनाकर यातायात को अवरुद्ध करने का प्रयास किया। हालांकि, बाद में पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर कर दिया।

सिद्धरमैया के इस्तीफे से दुखी भीमू नाम के एक प्रदर्शनकारी ने कथित तौर पर आत्महत्या का प्रयास किया। उसने सिद्धरमैया के लिए जान देने को तैयार होने की बात कहते हुए कथित तौर पर जहरीला पदार्थ पीने की कोशिश की। हालांकि, आसपास मौजूद प्रदर्शनकारियों ने समय रहते उससे कथित तौर पर जहरीले पदार्थ से भरी शीशी छीन ली।

यादगिर में सिद्धरमैया के कट्टर समर्थक राजकुमार गनीर ने सुभाष चंद्र सर्कल के पास मौन रखकर प्रदर्शन किया। उसने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के सिद्धरमैया के फैसले पर दुख जाहिर किया।

कलबुर्गी में कुरुबा समुदाय के सदस्यों ने सरदार वल्लभभाई पटेल सर्कल पर प्रदर्शन करते हुए सिद्धरमैया को 2028 तक मुख्यमंत्री पद पर बनाए रखने की मांग की। कांग्रेस नेता राहुल गांधी और सोनिया गांधी के चित्र वाले पोस्टर थामे प्रदर्शनकारियों ने सिद्धरमैया से इस्तीफा देने के लिए कहने के पार्टी आलाकमान के कदम की आलोचना की।

एक प्रदर्शनकारी ने कहा, “सिद्धरमैया एक समर्पित नेता हैं, जिन्होंने पिछड़े वर्गों, दलितों और अल्पसंख्यकों के विकास के लिए कड़ी मेहनत की। उन्होंने पिछड़े समुदायों के लिए कई कल्याणकारी योजनाएं लागू कीं।”

हुबली में ‘अहिंदा’ (कर्नाटक में अल्पसंख्यकों, पिछड़े वर्गों और दलितों के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला संक्षिप्त नाम) नेताओं और समर्थकों ने सिद्धरमैया के इस्तीफे के विरोध में प्रदर्शन किया।

‘अहिंदा’ नेता और समर्थक संगोली रायन्ना सर्कल पर जुटे और टायर जलाकर अपना गुस्सा जाहिर किया। प्रदर्शनकारियों ने उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और पार्टी नेता राहुल गांधी के खिलाफ नारेबाजी करते हुए आरोप लगाया कि पार्टी नेतृत्व ने सिद्धरमैया के साथ अन्याय किया है।

कर्नाटक राज्य पिछड़ा वर्ग समुदाय संघ ने बुधवार को कांग्रेस आलाकमान को चेतावनी दी थी कि अगर सिद्धरमैया मुख्यमंत्री पद से हटते हैं, तो पार्टी को परिणाम भुगतने होंगे।

संगठन के नेताओं ने कहा था कि कर्नाटक में कांग्रेस पिछड़े वर्गों और ‘अहिंदा’ समुदायों के समर्थन के चलते सत्ता में आई थी। उन्होंने कहा था कि पार्टी में सिद्धरमैया के कद का कोई अन्य नेता नहीं है और अगर उन्हें पद छोड़ने के लिए मजबूर किया गया, तो बड़े पैमाने पर प्रदर्शन किया जाएगा।

इस बीच, कर्नाटक के कानून मंत्री एचके पाटिल ने कहा कि सिद्धरमैया ने उन्हें और अन्य मंत्रियों को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के अपने फैसले की जानकारी दी और बताया कि उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार उनके उत्तराधिकारी होंगे।

पाटिल के मुताबिक, पार्टी आलाकमान ने शिवकुमार को मुख्यमंत्री बनाने के निर्देश दिए हैं और इस सिलसिले में विधायक दल की बैठक में उचित प्रक्रियात्मक कदम उठाए जाएंगे।

भाषा पारुल संतोष

संतोष