नयी दिल्ली, 26 अगस्त (भाषा) नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (एनएसयूआई) की जामिया मिलिया इस्लामिया इकाई से जुड़े छात्रों ने विश्वविद्यालय की प्रवेश प्रक्रिया और परीक्षा परिणामों में कथित अनियमितताओं को लेकर बुधवार को विरोध प्रदर्शन किया।
छात्र संगठन ने आरोप लगाया कि अनिश्चितकालीन धरने के दौरान प्रदर्शनकारियों को विश्वविद्यालय परिसर से जबरन खदेड़ दिया गया।
एनएसयूआई द्वारा बुधवार को जारी एक बयान के अनुसार, यह विरोध प्रदर्शन सेंट्रल कैंटीन में किया जा रहा था। छात्र परीक्षा परिणामों में पारदर्शिता, प्रवेश प्रक्रिया की समीक्षा और कथित अनियमितताओं के लिए जवाबदेही तय करने की मांग कर रहे थे।
हालांकि, विश्वविद्यालय ने इससे पहले स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) द्वारा लगाए गए इसी तरह के आरोपों को ‘निराधार’ बताते हुए खारिज कर दिया था और कहा था कि उसकी प्रवेश प्रक्रिया ‘अत्यंत पारदर्शी’ है तथा इसमें कोई हेरफेर नहीं किया जा सकता है।
एसएफआई की जामिया इकाई द्वारा ‘स्पॉट’ दाखिला और आरक्षण नीतियों के क्रियान्वयन को लेकर लगाए गए आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए विश्वविद्यालय के एक अधिकारी ने कहा था, ‘प्रवेश प्रक्रिया अत्यंत पारदर्शी है और इसमें हेरफेर करना संभव नहीं है।’
एनएसयूआई ने प्रदर्शनकारी छात्रों को कथित तौर पर खदेड़े जाने की कड़े शब्दों में निंदा की।
संगठन ने दावा किया कि यह कार्रवाई प्रॉक्टोरियल टीम, छात्र कल्याण अधिष्ठाता (डीएसडब्ल्यू) और कई प्राध्यापकों की मौजूदगी में हुई, जिन्होंने पहले छात्रों और प्रशासन के बीच हुई बातचीत में भाग लिया था।
एनएसयूआई के अनुसार, उसके प्रतिनिधियों ने छात्रों की चिंताओं को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन के साथ बातचीत की थी, लेकिन प्रशासन ने न तो उनकी मांगों को स्वीकार किया और न ही कोई ठोस लिखित आश्वासन दिया।
भाषा सुमित संतोष
संतोष