संगरूर में व्यक्ति की आत्महत्या मामले में पंजाब भाजपा प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल से मुलाकात की

संगरूर में व्यक्ति की आत्महत्या मामले में पंजाब भाजपा प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल से मुलाकात की

संगरूर में व्यक्ति की आत्महत्या मामले में पंजाब भाजपा प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल से मुलाकात की
Modified Date: September 8, 2026 / 09:12 pm IST
Published Date: September 8, 2026 9:12 pm IST

चंडीगढ़, आठ सितंबर (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की पंजाब इकाई के प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया से मुलाकात कर संगरूर के एक ग्रामीण की संदिग्ध आत्महत्या मामले में वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज करने की मांग की।

भाजपा प्रतिनिधिमंडल ने संगरूर के एक अन्य ग्रामीण का मुद्दा भी उठाया, जिसने कुछ दिन पहले काले झंडे दिखाने और मादक पदार्थों की समस्या पर काबू पाने में नाकाम रहने को लेकर आम आदमी पार्टी (आप) सरकार के खिलाफ नारे लगाने पर पुलिस अधिकारियों द्वारा हिरासत में प्रताड़ित किए जाने का आरोप लगाया था।

भाजपा की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों के नेतृत्व में पार्टी नेताओं सुभाष शर्मा, राणा गुरमीत सिंह सोढ़ी, परमिंदर सिंह बराड़ और विनीत जोशी ने राज्यपाल से मुलाकात की। उन्होंने दोनों मामलों की जांच कराने की मांग की और इन्हें केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को सौंपने की मांग की।

राज्यपाल को सौंपे गए ज्ञापन में पंजाब भाजपा प्रतिनिधिमंडल ने संगरूर की दोनों घटनाओं का उल्लेख किया और आरोप लगाया कि ये मामले राज्य सरकार के कामकाज तथा पुलिस की जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े करते हैं।

भाजपा ने मांग की कि संगरूर के ग्रामीण गुलजार सिंह द्वारा मौत से पहले एक वीडियो में जिन लोगों के नाम लिए गए थे, उन सभी के खिलाफ और चीमा के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया जाए।

संगरूर जिले के दिरबा निवासी 47 वर्षीय गुलजार सिंह की सोमवार रात कथित रूप से जहरीला पदार्थ खाने से मौत हो गई। उनके परिवार ने बताया कि छह सितंबर को दिरबा में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने इलाके में मादक पदार्थों की आपूर्ति को लेकर चीमा से सवाल किया था।

करणवीर ने आरोप लगाया कि उनके भतीजे करणवीर सिंह ने बताया कि गुलजार सिंह द्वारा चीमा से सवाल किए जाने के बाद कुछ स्थानीय ग्रामीण उन्हें कार्यक्रम स्थल से बाहर ले गए थे। दिहाड़ी मजदूरी करने वाले गुलजार सिंह पर स्थानीय लोगों ने माफी मांगने का दबाव भी बनाया, जिसके बाद उन्होंने जहरीला पदार्थ खा लिया।

भाजपा प्रतिनिधिमंडल ने दावा किया कि सिंह ने चीमा के कार्यक्रम के दौरान अपने क्षेत्र में कथित रूप से ‘खुलेआम बिक रहे’ मादक पदार्थों का मुद्दा उठाया था और नशे के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी।

पार्टी ने आरोप लगाया कि मुद्दा उठाने के बाद सिंह पर स्थानीय पंचायत सदस्यों की ओर से माफी मांगने का दबाव बनाया गया।

भाजपा ने ज्ञापन में आरोप लगाया, ‘और अधिक महत्वपूर्ण बात यह है कि मौत से पहले बनाए गए एक वीडियो या मृत्यु पूर्व बयान में उन्होंने वित्त मंत्री चीमा और उन लोगों के नाम लिए थे, जिन्हें वह उन परिस्थितियों के लिए जिम्मेदार मानते थे, जिनके कारण उन्होंने यह कदम उठाया।’

भाजपा ने मांग की कि इस मामले को केवल सामान्य आत्महत्या के मामले के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए और तत्काल प्राथमिकी दर्ज की जानी चाहिए।

ढिल्लों ने कहा कि चूंकि यह मामला राज्य के वित्त मंत्री से जुड़ा है, इसलिए भाजपा को ‘निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच’ की उम्मीद नहीं है। उन्होंने मांग की कि प्राथमिकी दर्ज होने के बाद जांच सीबीआई जैसी किसी स्वतंत्र एजेंसी को सौंप दी जाए।

भाषा तान्या माधव

माधव


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