पंजाब मंत्रिमंडल ने निर्वाचन विभाग की सेवा नियमावली में संशोधन को मंजूरी दी

पंजाब मंत्रिमंडल ने निर्वाचन विभाग की सेवा नियमावली में संशोधन को मंजूरी दी

पंजाब मंत्रिमंडल ने निर्वाचन विभाग की सेवा नियमावली में संशोधन को मंजूरी दी
Modified Date: June 1, 2026 / 03:55 pm IST
Published Date: June 1, 2026 3:55 pm IST

चंडीगढ़, एक जून (भाषा) पंजाब मंत्रिमंडल ने निर्वाचन विभाग की सेवा नियमावली में संशोधन करने के प्रस्ताव को सोमवार को मंजूरी दे दी।

एक आधिकारिक विज्ञप्ति के मुताबिक, इस निर्णय से लंबे समय से लंबित प्रशासनिक अड़चनें दूर होंगी, मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया सुचारू और परेशानी मुक्त संभव होगी, और चुनाव संबंधी कार्यों के लिए पर्याप्त जनशक्ति सुनिश्चित करने के वास्ते महत्वपूर्ण रिक्तियों को भरने का मार्ग प्रशस्त होगा।

विज्ञप्ति के मुताबिक, मुख्यमंत्री भगवंत मान की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में इस संबंध में निर्णय लिए गए।

मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) ने बताया कि मंत्रिमंडल ने निर्वाचन विभाग के सेवा नियमों में संशोधन को मंजूरी दे दी है, जिसके तहत चुनाव निर्वाचन ‘कानूनगो’ के पद से निर्वाचन ‘तहसीलदार’ के पद पर पदोन्नति के लिए आवश्यक अनुभव को 15 वर्ष से घटाकर 12 वर्ष कर दिया गया है।

सीएमओ के मुताबिक, विभाग में निर्वाचन तहसीलदार के पद पर सात रिक्तियां होने के कारण यह संशोधन आवश्यक हो गया था।

इसमें कहा गया कि मतदाता सूचियों की हो रही एसआईआर प्रक्रिया और आगामी पंजाब विधानसभा चुनावों के मद्देनजर, चुनाव संबंधी कार्यों को सुचारू रूप से सुनिश्चित करने के लिए निर्वाचन तहसीलदारों की सेवाओं की तत्काल आवश्यकता है।

विज्ञप्ति के मुताबिक, मंत्रिमंडल ने जल संसाधन विभाग की वर्ष 2025-26 की वार्षिक प्रशासनिक रिपोर्ट पर भी अपनी मुहर लगा दी। इससे वित्तीय वर्ष के दौरान विभाग के प्रशासनिक कामकाज और उपलब्धियों के दस्तावेजीकरण और समीक्षा में सुविधा होगी।

भाषा धीरज दिलीप

दिलीप


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