पंजाब महिला आयोग ने एलपीयू, चितकारा विश्वविद्यालय से जुड़ी घटनाओं पर रिपोर्ट मांगी

पंजाब महिला आयोग ने एलपीयू, चितकारा विश्वविद्यालय से जुड़ी घटनाओं पर रिपोर्ट मांगी

पंजाब महिला आयोग ने एलपीयू, चितकारा विश्वविद्यालय से जुड़ी घटनाओं पर रिपोर्ट मांगी
Modified Date: September 28, 2026 / 04:23 pm IST
Published Date: September 28, 2026 4:23 pm IST

चंडीगढ़, 28 सितंबर (भाषा) पंजाब राज्य महिला आयोग ने लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (एलपीयू) और चितकारा विश्वविद्यालय में विरोध-प्रदर्शन की घटनाओं का स्वत: संज्ञान लेते हुए सोमवार को संबंधित जिला प्रशासन और पुलिस से विस्तृत रिपोर्ट मांगी, जिसमें प्राथमिकी की प्रतियां और दोनों परिसर में छात्रों की सुरक्षा के लिए उठाए गए कदमों का ब्योरा भी शामिल करने का निर्देश दिया गया।

कपूरथला के फगवाड़ा स्थित एलपीयू और पटियाला स्थित चितकारा विश्वविद्यालय में छात्र पिछले दो दिन से विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं।

चितकारा विश्वविद्यालय के छात्र इन अपुष्ट खबरों को लेकर विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं कि परिसर में दो छात्राओं ने आत्महत्या कर ली। वहीं, एलपीयू के छात्र एक बाहरी व्यक्ति के विश्वविद्यालय परिसर में घुसकर एक छात्रा के साथ दुष्कर्म करने के आरोप को लेकर विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं और उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्ग को भी अवरुद्ध किया।

पंजाब राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष राज लाली गिल ने बताया कि उन्होंने एलपीयू और चितकारा विश्वविद्यालय में हुई कथित घटनाओं का स्वतः संज्ञान लिया है।

उन्होंने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “हमने पूरे मामले पर विस्तृत स्पष्टीकरण, प्राथमिकी की प्रतियां और दोनों परिसर में छात्रों की सुरक्षा के लिए किए गए उपायों पर व्यापक रिपोर्ट मांगी है। छात्रों की सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण है। जवाबदेही और पारदर्शिता अनिवार्य है।”

कपूरथला के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) को भेजे पत्र में आयोग ने एलपीयू में छात्रों के विरोध-प्रदर्शन से जुड़ी खबरों का जिक्र किया है।

एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पुलिस ने छात्रों की शिकायत के आधार पर पहले ही प्राथमिकी दर्ज कर ली है और एक विशेष जांच दल (एसआईटी) भी गठित किया गया है।

उन्होंने बताया कि राज्य महिला आयोग ने मामले की जांच किसी वरिष्ठ अधिकारी से कराने और इस संबंध में 30 सितंबर तक रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है।

अधिकारी के मुताबिक, आयोग ने प्राथमिकी की प्रति, मामले की जांच के लिए गठित एसआईटी के सदस्यों का विवरण और अब तक की गई जांच की स्थिति की जानकारी भी मांगी है।

उन्होंने बताया कि आयोग ने छात्राओं की सुरक्षा के लिए छात्रावास में किए गए सुरक्षा इंतजामों, सीसीटीवी निगरानी, सुरक्षा कर्मचारियों और प्रवेश/निकास की निगरानी से जुड़ी जानकारी भी उपलब्ध कराने को कहा है।

अधिकारी के अनुसार, विश्वविद्यालय प्रशासन को छात्राओं की सुरक्षा के संबंध में मिली शिकायतों और उन्हें लेकर की गई कार्रवाई पर भी एक रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है।

उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय प्रशासन से यह सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाने को भी कहा गया है कि जांच के दौरान पीड़िता को किसी भी तरह के दबाव या धमकी का सामना न करना पड़े।

चितकारा विश्वविद्यालय से जुड़े मामले में राज्य महिला आयोग ने पुलिस से पूछा है कि क्या उन्हें परिसर की किसी छात्रा के लापता होने, घायल होने या किसी अन्य अप्रिय घटना के संबंध में कोई शिकायत मिली थी।

आयोग ने कहा है कि अगर ऐसी कोई शिकायत मिली थी, तो उसकी प्रति और मामले में की गई कार्रवाई की विस्तृत रिपोर्ट सौंपी जानी चाहिए।

आयोग ने कहा है कि छात्रों की ओर से जताई गई सुरक्षा चिंताओं के सिलसिले में चितकारा विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से उठाए गए कदमों पर भी रिपोर्ट मांगी है।

भाषा पारुल संतोष

संतोष


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