पंजाब सरकार ने गैंगस्टरों के खिलाफ राज्यव्यापी अभियान शुरू किया
पंजाब सरकार ने गैंगस्टरों के खिलाफ राज्यव्यापी अभियान शुरू किया
चंडीगढ़, 20 जनवरी (भाषा) मादक पदार्थ के खिलाफ चलाए गए अपने अभियान से प्रेरणा लेते हुए, पंजाब सरकार ने मंगलवार को गैंगस्टरों के खिलाफ राज्यव्यापी अभियान शुरू किया। इसका उद्देश्य संगठित अपराध के पूरे तंत्र (इकोसिस्टम) को ध्वस्त करना है, जिसमें हथियारों की आपूर्ति श्रृंखला, साजो-सामान (लॉजिस्टिक), सुरक्षित ठिकाने और संचार नेटवर्क शामिल हैं।
पंजाब के पुलिस महानिदेशक गौरव यादव ने यहां संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि ‘ऑपरेशन प्रहार’ के तहत पूरे राज्य में छापेमारी की जा रही है और इस अभियान में 12,000 पुलिस कर्मी हिस्सा ले रहे हैं।
यादव ने पत्रकारों से कहा, “वित्तपोषण, साजो-सामान, सुरक्षित ठिकाने, हथियारों की आपूर्ति श्रृंखला, संचार नेटवर्क… हम गैंगस्टरों के पूरे तंत्र को ध्वस्त करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उनके मददगारों और सहयोगियों को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”
यादव ने बताया कि ‘युद्ध नशियां विरुद्ध’ (मादक पदार्थ के खिलाफ युद्ध) अभियान के तहत अब तक 31,527 प्राथमिकी दर्ज की जा चुकी हैं और 45,251 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
उन्होंने कहा, “मादक पदार्थ की समस्या से निपटने के साथ-साथ गैंगस्टरों से निपटना राज्य सरकार की शीर्ष प्राथमिकताओं में से एक रहा है।”
यादव ने कहा कि हाल के वर्षों में किए गए समन्वित प्रयासों के परिणामस्वरूप केवल 2025 में ही 925 गैंगस्टरों को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने कहा, “पंजाब पुलिस देश के भीतर या बाहर, किसी भी कोने से बदमाशों को पकड़कर कानून के कटघरे में खड़ा करेगी।” उन्होंने यह भी कहा कि इसके लिए एक स्पष्ट रणनीति तैयार की गई है और गैंगस्टरों के खिलाफ औपचारिक रूप से युद्ध की घोषणा कर दी गई है।
उन्होंने कहा, “हम गैंगस्टरों के लिए कोई जगह नहीं छोड़ेंगे। उनके समूचे नेटवर्क को खत्म किया जाएगा। जिस तरह नशा मुक्त पंजाब अभियान में प्रगति हुई है, उसी तरह हम राज्य को गैंगस्टर मुक्त बनाएंगे।”
पुलिस प्रमुख ने विदेश भागे अपराधियों की निगरानी और प्रत्यर्पण के लिए एक विशेष प्रकोष्ठ की स्थापना की भी घोषणा की, जिसका नेतृत्व ‘काउंटर-इंटेलिजेंस’ के महानिरीक्षक आशीष चौधरी करेंगे।
उन्होंने कहा, “हम आज से गैंगस्टरों से संबंधित जानकारी साझा करने के लिए ‘एंटी-गैंगस्टर हेल्पलाइन’ भी शुरू कर रहे हैं। यह हेल्पलाइन चौबीसों घंटे चालू रहेगी और सूचना देने वालों की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।”
भाषा तान्या दिलीप
दिलीप


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