पंजाब सरकार ने भगत सिंह के मुकदमे की कार्यवाही से संबंधित कागजात व अन्य सामग्री ब्रिटेन से मांगी

पंजाब सरकार ने भगत सिंह के मुकदमे की कार्यवाही से संबंधित कागजात व अन्य सामग्री ब्रिटेन से मांगी

पंजाब सरकार ने भगत सिंह के मुकदमे की कार्यवाही से संबंधित कागजात व अन्य सामग्री ब्रिटेन से मांगी
Modified Date: January 12, 2026 / 03:03 pm IST
Published Date: January 12, 2026 3:03 pm IST

चंडीगढ़, 12 जनवरी (भाषा) पंजाब सरकार ने भगत सिंह के मुकदमे की कार्यवाही से संबंधित फिल्मों, टेप और अन्य अभिलेखीय दस्तावेजों को प्राप्त करने में ब्रिटेन से सहायता मांगी है।

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने नौ जनवरी को ब्रिटेन के उप उच्चायुक्त अल्बा स्मेरिग्लियो को लिखे पत्र में यह अनुरोध किया है।

मान ने पत्र में कहा, “यह जानकारी मिली है कि शहीद भगत सिंह, शहीद सुखदेव थापर और शहीद शिवराम हरि राजगुरु के मुकदमे की कार्यवाही से संबंधित मूल ऑडियो/वीडियो रिकॉर्डिंग और अभिलेखीय दस्तावेज वर्तमान में स्कॉटलैंड में संबंधित अधिकारियों के पास हैं, और बताया जाता है कि उस युग के ऐतिहासिक कानूनी अभिलेखागार रखने वाले किसी संग्रहालय/संस्थान में संरक्षित हैं।”

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सरकार के अनुसार, ये अभिलेख पंजाब के लोगों के साथ-साथ इतिहास और मानवाधिकारों के वैश्विक विद्वानों के लिए ‘गहरा ऐतिहासिक और भावनात्मक महत्व’ रखते हैं।

मुख्यमंत्री ने इनकी प्रतियां मांगते हुए लिखा, ‘पंजाब सरकार शैक्षणिक अध्ययन, डिजिटल संरक्षण और ‘शहीद भगत सिंह हेरिटेज कॉम्प्लेक्स’, खटकर कलां, जिला शहीद भगत सिंह नगर, पंजाब में सार्वजनिक प्रदर्शन के लिए इन अभिलेखीय सामग्रियों तक पहुंच चाहती है।’

आम आदमी पार्टी के नेता ने सामग्री साझा करने की अपील के पीछे के आधार के रूप में “न्याय, त्याग और मानव गरिमा” जैसे सार्वभौमिक आदर्शों का भी हवाला दिया।

तेईस वर्षीय भगत सिंह को 23 मार्च 1931 को सुखदेव और राजगुरु के साथ ब्रिटिश पुलिस अधिकारी जॉन सॉन्डर्स की हत्या के आरोप में फांसी दी गई थी। इस कांड को लाहौर षड्यंत्र के नाम से जाना जाता है।

भाषा नोमान नरेश

नरेश


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