(फाइल फोटो के साथ)
बटाला (पंजाब), 16 अप्रैल (भाषा) पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बृहस्पतिवार को दावा किया कि पारंपरिक राजनीतिक दलों के जनविरोधी रवैये के कारण जनता का उनपर से भरोसा उठ गया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकारों ने राज्य और जनता के बजाय अपने परिवारों के हितों को प्राथमिकता दी।
मान यहां 177 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं का शिलान्यास करने के बाद एक जनसभा को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि पंजाब की जनता ने 2022 में ‘‘अकाली-कांग्रेस की तीन पीढ़ियों की लूट’’ का अंत कर दिया और अब वे 2027 में उनकी वापसी नहीं होने देंगे।
मान ने पिछली सरकारों पर आरोप लगाया कि उन्होंने राजनीतिक स्वार्थ के चलते जानबूझकर ‘बेअदबी विरोधी कानूनों’ को कमजोर किया।
उन्होंने आरोप लगाया, “अकाली सरकार ने जानबूझकर ‘बेदबी’ के खिलाफ कमजोर कानून बनाया ताकि इस जघन्य अपराध के दोषियों को उनके गुनाहों की सजा न मिले।”
उन्होंने कहा, “ये नेता इस बात से भी डरते थे कि कहीं उन्हें भी अपने अपराध की सजा न मिल जाए, इसीलिए उन्होंने कानूनों को कमजोर बनाया।”
मुख्यमंत्री ने बताया कि पंजाब विधानसभा ने जागृत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) विधेयक, 2026 पारित कर दिया है, जिसमें गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी लिए कड़ी सजा का प्रावधान है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान कानून के तहत अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
मान ने अकाली दल की ‘पंजाब बचाओ यात्रा’ पर कटाक्ष करते हुए कहा, ‘‘अकाली दल के इस हथकंडे का असली नाम ‘परिवार बचाओ यात्रा’ है, क्योंकि इसका पूरा मकसद सिर्फ अपने परिवार के हितों की रक्षा करना है।’’
भाषा
प्रचेता राजकुमार
राजकुमार