वॉशिंगटन, छह जून (एपी) अमेरिकी रक्षा मंत्रालय ने घोषणा की है कि उसने आधिकारिक रूप से मान्यता प्राप्त धार्मिक परंपराओं (धार्मिक पहचान) की संख्या में उल्लेखनीय कमी की है।
नयी सूची में अब केवल 31 धार्मिक परंपराएं हैं, जबकि पहले सैनिकों के पास चुनने के लिए 200 से अधिक मान्यता प्राप्त धार्मिक परंपराएं थीं। इस सूची में अब नास्तिक, यूनिटेरियन यूनिवर्सलिस्ट, पैगन और विक्कन शामिल नहीं हैं।
रक्षा मंत्रालय के मुख्यालय पेंटागन के प्रवक्ता सीन पार्नेल ने एक बयान में कहा, ‘‘धार्मिक संबद्धताओं की संख्या में यह कमी किसी भी धर्म या धार्मिक आस्था की वैधता पर सवाल उठाने के लिए नहीं की गई है और न ही इसका उद्देश्य आधिकारिक रूप से स्वीकृत धर्मों की सूची प्रदान करना है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘इसका उद्देश्य यह है कि सैन्य धर्मगुरु (चैपलिन) अपनी-अपनी इकाइयों को देखें और यह निर्धारित करें कि विभिन्न आस्थाओं वाले सैनिकों की आवश्यकताओं को सर्वोत्तम ढंग से पूरा करने के लिए संसाधनों का प्रबंधन कैसे किया जाए।’’
पार्नेल ने कहा कि रक्षा मंत्रालय धार्मिक स्वतंत्रता के अधिकार का सम्मान करता है, और सैन्य धर्मगुरु (चैपलिन) यह सुनिश्चित करने में सहायता करते हैं कि सदस्य अपनी पसंद के धर्म का पालन करने या किसी भी धर्म का पालन न करने की स्वतंत्रता का पूर्ण रूप से प्रयोग कर सकें।
इस सूची में कुछ ईसाई परंपराओं-जैसे बाप्टिस्ट, प्रेस्बिटेरियन और मेथोडिस्ट को व्यापक श्रेणियों के रूप में रखा गया है, लेकिन इन परंपराओं के भीतर आने वाले विभिन्न संप्रदायों का अलग-अलग उल्लेख नहीं किया गया है।
सैनिक ‘कोई धर्म नहीं’, ‘अन्य धर्म’ या ‘अनीश्वरवादी’ के रूप में अपनी पहचान चुन सकते हैं। इसमें बौद्ध धर्म, इस्लाम, यहूदी धर्म, हिंदू धर्म, सिख धर्म, बहाई और द चर्च ऑफ जीसस क्राइस्ट ऑफ लैटर-डे सेंट्स भी शामिल हैं।
रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने पेंटागन में अपने नेतृत्व के साथ अपनी इवेंजेलिकल ईसाई आस्था को भी जोड़ा है। उन्होंने कर्मियों के लिए धार्मिक सभाओं (वर्शिप सर्विसेज) की मेज़बानी की और अक्सर अमेरिका को एक ईसाई राष्ट्र के रूप में संदर्भित किया है।
वर्ष 2019 की एक रिपोर्ट के अनुसार सैन्य बल धार्मिक रूप से विविध है, और लगभग 70 प्रतिशत सैनिक स्वयं की पहचान ईसाई के रूप में कराते हैं। वहीं लगभग एक-चौथाई सैनिकों को ‘अन्य’, ‘अवर्गीकृत’ या ‘अज्ञात’ के रूप में सूचीबद्ध किया गया था।
पैगन धार्मिक पेशेवर और मरीन कोर की पूर्व सैनिक आइरीन ग्लास ने कहा, ‘‘अल्पसंख्यक धर्म की सदस्य होने के नाते, मेरा मानना है कि हमें गिनती में शामिल किया जाना बहुत महत्वपूर्ण है।’’
उन्होंने नई व्यवस्था के संदर्भ में कहा कि ‘‘यह हमें अदृश्य कर देता है, जबकि हममें से बहुत से लोगों ने बहुत गर्व, उत्कृष्टता और सम्मान के साथ सेवा की है।’’
भाषा शोभना वैभव
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