पंजाब के मंत्री, डीएसजीएमसी के प्रतिनिधि अमृतसर में सचिवालय अकाल तख्त के समक्ष पेश हुए

पंजाब के मंत्री, डीएसजीएमसी के प्रतिनिधि अमृतसर में सचिवालय अकाल तख्त के समक्ष पेश हुए

पंजाब के मंत्री, डीएसजीएमसी के प्रतिनिधि अमृतसर में सचिवालय अकाल तख्त के समक्ष पेश हुए
Modified Date: January 6, 2026 / 10:41 am IST
Published Date: January 6, 2026 10:41 am IST

अमृतसर, छह जनवरी (भाषा) पंजाब के मंत्री तरुणप्रीत सिंह सोंद अकाल तख्त के कार्यवाहक जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज और तख्त श्री दमदमा साहिब के जत्थेदार ज्ञानी टेक सिंह के समक्ष सोमवार को सफाई देने के लिए पेश होने वालों में शामिल थे।

अकाल तख्त सिखों की सर्वोच्च धार्मिक संस्था है।

दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधन समिति (डीएसजीएमसी) के कुछ पदाधिकारी और सदस्य भी यहां पहुंचे।

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मंत्री और डीएसजीएमसी के सदस्य विभिन्न लंबित मामलों के सिलसिले में सचिवालय अकाल तख्त में पेश हुए और उनकी बारी-बारी से सुनवाई की गई।

सचिवालय अकाल तख्त के प्रभारी बगीचा सिंह ने बताया कि श्री आनंदपुर साहिब स्थित भाई जीवन सिंह (भाई जैता जी) के स्मारक में तैयार की गई कुछ छवियों के चित्रण को लेकर मंत्री से स्पष्टीकरण मांगा गया था। इन छवियों के सिख सिद्धांतों, मर्यादा और भावनाओं के विपरीत होने का आरोप लगाया गया था।

मंत्री ने इस संबंध में अपना स्पष्टीकरण जत्थेदार को दिया।

बगीचा सिंह के अनुसार, सोंद ने बताया कि कमियों को सिख भावनाओं के अनुरूप दूर कर दिया गया है, जबकि कुछ कार्य अभी प्रगति पर है।

यह भी बताया गया कि जत्थेदार गड़गज्ज ने मंत्री को सलाह दी कि राज्य के संस्कृति और पर्यटन विभाग का निदेशक ऐसा व्यक्ति होना चाहिए जिसे सिख समुदाय और पंजाब की चिंताओं, परंपराओं और संस्कृति की समझ हो।

बगीचा सिंह के अनुसार, मंत्री ने आश्वासन दिया कि सरकार से बातचीत के बाद इस संबंध में उपयुक्त नियुक्ति की जाएगी।

उन्होंने बताया कि डीएसजीएमसी ने अकाल तख्त साहिब के आदेशों का उल्लंघन करते हुए 25 अक्टूबर को विशेष आम सभा बुलाई थी। इस मामले में डीएसजीएमसी के अध्यक्ष, महासचिव, वरिष्ठ उपाध्यक्ष, उपाध्यक्ष और सचिव को अपना पक्ष रखने के लिए तलब किया गया था।

सिंह ने कहा कि सभी पदाधिकारी उपस्थित नहीं हो सके, जिसके कारण डीएसजीएमसी की ओर से स्पष्टीकरण नहीं लिया जा सका तथा उन्हें इसके लिए एक और अवसर दिया गया।

अकाल तख्त द्वारा पहले जारी आदेश के मद्देनजर, चीफ खालसा दीवान (सीकेडी) से भी यह जानकारी मांगी गई थी कि उसके कौन से सदस्य ‘अमृतधारी’ हैं और कौन नहीं।

इस संबंध में सीकेडी के अध्यक्ष इंदरबीर सिंह निज्जर, मानद सचिव रमणीक सिंह तथा सदस्य प्रो. सुखबीर सिंह एवं भाई महिंदर सिंह सोमवार को पेश हुए और उन्होंने आवश्यक जानकारी प्रदान की।

भाषा मनीषा सिम्मी

सिम्मी


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