चंडीगढ़, नौ अप्रैल (भाषा) पंजाब सरकार ने बृहस्पतिवार को कहा कि अब अभिभावकों को स्कूल में उनके बच्चों की उपस्थिति/अनुपस्थिति को लेकर रोज एसएमएस भेजा जाएगा।
पंजाब सरकार अपने शिक्षा कार्यक्रम ‘मिशन समर्थ 4.0’ के तहत राज्यव्यापी उपस्थिति-निगरानी प्रणाली के अंतर्गत यह पहल शुरू करने जा रही है।
शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने इसे पंजाब की ‘सिख्या क्रांति’ (शिक्षा) में इसे एक बड़ी उपलब्धि करार देते हुए कहा कि पंजाब पहले से ही परख (समग्र विकास के लिए प्रदर्शन मूल्यांकन, समीक्षा और ज्ञान का विश्लेषण) सर्वेक्षण में प्रथम स्थान पर चुका है। उन्होंने कहा कि राज्य अब पहचान से परिणाम की ओर बढ़ते हुए कक्षा में जवाबदेही को मजबूत करने और प्रभावी शिक्षण पद्धतियों को बढ़ाने पर ध्यान दे रहा है।
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि राज्य सरकार ने 2021-22 के 12,657 करोड़ रुपये के शिक्षा बजट को बढ़ाकर 2026-27 में इसे 19,279 करोड़ रुपये कर दिया है, जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि धनराशि सिर्फ कागजों व फाइल में उलझे रहने के बजाय कक्षाओं तक पहुंचे तथा सरकारी स्कूलों में बुनियादी ढांचे से लेकर मापने योग्य शिक्षण परिणामों तक स्पष्ट परिवर्तन लाया जा सके।
बैंस ने बताया कि राज्य सरकार ने मिशन समर्थ 2026-27 के तहत उपस्थिति-निगरानी प्रणाली शुरू की है।
उन्होंने कहा, ‘‘अभिभावकों को अपने बच्चे की उपस्थिति के बारे में प्रतिदिन एसएमएस अलर्ट प्राप्त होंगे, जिसमें अनुपस्थिति की सूचना भी शामिल होगी। इसका उद्देश्य नियमित उपस्थिति, सीखने की निरंतरता और कक्षा में बच्चों की सक्रिय भागीदारी को बढ़ावा देना है। स्कूलों में सात दिनों तक अनुपस्थित रहने वाले किसी भी बच्चे के संबंध में जिला स्तर पर अभिभावक से संपर्क किया जाएगा, जबकि 15 दिनों से अधिक की अनुपस्थिति की सूचना राज्य मुख्यालय को दी जाएगी। इससे सीखने की निरंतरता और बच्चों की सुरक्षा दोनों सुनिश्चित होंगी।’’
मंत्री ने कहा, ‘‘मिशन समर्थ ने कक्षा के वातावरण को पूरी तरह बदल दिया है। इस चरण का उद्देश्य उपस्थिति पर नज़र रखने, बेहतर निगरानी और सर्वोत्तम प्रथाओं को साझा करने के माध्यम से शिक्षण की गुणवत्ता और जवाबदेही को बढ़ाना है।’’
भाषा यासिर माधव
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