पंजाब: गुरु ग्रंथ साहिब के 328 ‘सरूप’ लापता मामले में 14 स्थानों पर छापेमारी
पंजाब: गुरु ग्रंथ साहिब के 328 ‘सरूप’ लापता मामले में 14 स्थानों पर छापेमारी
चंडीगढ़, चार जनवरी (भाषा) गुरु ग्रंथ साहिब के 328 ‘सरूप’ (पवित्र प्रतियां) गायब होने के मामले की जांच कर रहे पंजाब पुलिस के विशेष जांच दल (एसआईटी) ने बताया कि उसने रविवार को 14 स्थानों पर छापेमारी कर मौके से मोबाइल फोन, टैबलेट, कंप्यूटर तथा ‘आपत्तिजनक’ वित्तीय रिकॉर्ड और दस्तावेज जब्त किए हैं।
एसआईटी के प्रवक्ता के अनुसार, दल ने पहले सनदी लेखाकार (सीए) सतिंदर सिंह कोहली और अब कंवलजीत सिंह को गिरफ्तार किया है। उन्होंने बताया कि इस मामले में आगे और गिरफ्तारी हो सकती है।
प्रवक्ता ने बताया कि शनिवार को चंडीगढ़ में दो, अमृतसर में आठ और गुरदासपुर, रूपनगर, तरनतारन और अमृतसर ग्रामीण में एक-एक स्थान पर छापेमारी की गई।
उन्होंने बताया, “तलाशी के दौरान सात मोबाइल फोन, तीन टैबलेट, दो लैपटॉप, एक स्टोरेज उपकरण और आपत्तिजनक वित्तीय रिकॉर्ड और दस्तावेज जब्त किए गए हैं।”
उन्होंने बताया कि जब्त किये गए इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का फोरेंसिक विश्लेषण किया जाएगा। साथ ही वित्तीय दस्तावेजों की भी गहन पड़ताल की जा रही है क्योंकि राजनेताओं सहित कई व्यक्तियों से जुड़ी कंपनियों द्वारा किए गए भुगतान जांच के दायरे में हैं।
आरोपियों से जुड़े स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया गया।
प्रवक्ता ने बताया कि इस संबंध में अमृतसर कमिश्नरेट के सी-डिवीजन थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई है जिसमें कुल 16 लोगों के नाम शामिल हैं जिनमें दो लोगों की मौत हो चुकी है जबकि 14 लोग जांच के दायरे में हैं।
इस मामले में अब तक सतिंदर सिंह कोहली और कंवलजीत सिंह उर्फ कवलजीत सिंह को गिरफ्तार किया गया है।
उन्होंने बताया कि कंवलजीत सिंह को तीन जनवरी को गिरफ्तार किया गया था। वह एक सहायक के रूप में कार्यरत था और उस पर आरोप है कि वह धार्मिक प्रतियों के रखरखाव और प्रबंधन में गंभीर गड़बड़ी करने, बिना अनुमति उनके निर्माण और भंडारण में प्रत्यक्ष रूप से शामिल रहा।
प्रवक्ता ने कहा कि एसआईटी सुव्यवस्थित और गहनता से मामले की जांच कर रही है तथा साक्ष्य एकत्र किए जा रहे हैं। आने वाले दिनों में और तलाशी अभियान तथा गिरफ्तारियों की संभावना है।
जानकारी के मुताबिक सात दिसंबर 2025 को अमृतसर में वर्ष 2020 में ‘सरूपों’ (पवित्र प्रतियां) के लापता होने के मामले में शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) के पूर्व मुख्य सचिव और एक सीए सहित 16 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। इस मामले में भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
अमृतसर स्थित एसजीपीसी के प्रकाशन गृह से ‘सरूपों’ के लापता होने का मामला जून 2020 में सामने आया था।
इस बीच, एसजीपीसी के अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी ने शनिवार को प्राथमिकी दर्ज किए जाने को लेकर आम आदमी पार्टी (आप) सरकार पर निशाना साधा। उसने आरोप लगाया कि सरकार ने “राजनीतिक लाभ” के उद्देश्य से सर्वोच्च गुरुद्वारा निकाय के प्रशासनिक अधिकारों में हस्तक्षेप किया है।
भाषा
प्रचेता नरेश प्रशांत
प्रशांत

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