साइबर धोखाधड़ी की चिंताओं के बीच जनगणना में क्यूआर कोड आधारित सत्यापन जोड़ा गया
साइबर धोखाधड़ी की चिंताओं के बीच जनगणना में क्यूआर कोड आधारित सत्यापन जोड़ा गया
(वरुण भंडारी)
नयी दिल्ली, 12 मई (भाषा) पहचान छुपाकर फर्जी सरकारी अधिकारियों का रूप धारण करने से जुड़े साइबर धोखाधड़ी के मामलों में वृद्धि के बीच, अधिकारियों ने राजधानी में जनगणना 2027 के लिए घरों का दौरा करने वाले गणनाकर्ताओं और पर्यवेक्षकों के लिए क्यूआर कोड आधारित सत्यापन प्रणाली लागू की है।
इस कदम का उद्देश्य 16 मई से दिल्ली नगर निगम के क्षेत्रों में घर-घर जाकर की जाने वाली गणना को अधिक सुरक्षित और प्रभावी बनाना है।
महापंजीयक और जनगणना कार्यालय के अधिकारियों ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि इस कार्य के लिए तैनात सभी गणनाकर्ताओं और पर्यवेक्षकों (ई एंड एस) के पास प्रभारी अधिकारी द्वारा जारी किया गया नियुक्ति पत्र और पहचान पत्र होगा। दोनों दस्तावेजों में क्यूआर कोड अंकित होंगे जिन्हें निवासी स्कैन करके उनकी प्रामाणिकता सत्यापित कर सकते हैं।
अधिकारियों ने कहा, ‘‘यदि कोई संदेह हो, तो घरवाले नियुक्ति पत्र और पहचान पत्र देखकर आने वाले कर्मियों की पहचान सत्यापित कर सकते हैं। वे प्रामाणिकता की पुष्टि के लिए इन दस्तावेजों पर छपे क्यूआर कोड को भी स्कैन कर सकते हैं।’’
यह सुरक्षा उपाय ऐसे समय में आया है जब देश भर में साइबर धोखाधड़ी के कई मामले सामने आए हैं।
धोखाधड़ी करने वाले फर्जी दस्तावेजों, पहचान छुपाकर और डिजिटल सत्यापन अनुरोधों का उपयोग करके लोगों को ठगने के लिए कानून प्रवर्तन या सरकारी अधिकारियों के रूप में खुद को पेश करते हैं।
अधिकारियों ने बताया कि हाल में सामने आए ‘‘डिजिटल अरेस्ट’’ के मामलों और जनगणना से संबंधित फर्जी संदेशों के ऑनलाइन प्रसारित होने से संबंधित धोखाधड़ी को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।
अधिकारियों ने बताया कि स्व-गणना अभियान के तहत सोमवार को 93,521 स्व-गणनाएं दर्ज की गईं, जिनमें 77,372 पूर्ण मामले और 16,149 आरंभिक मामले शामिल हैं। इस प्रकार, कुल स्व-गणना की पूर्णता दर 82.73 प्रतिशत रही।
भाषा वैभव नरेश
नरेश

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