राहुल गांधी चुनावी हार का ठीकरा निर्वाचन आयोग पर फोड़ रहे, कांग्रेस को तानाशाह की तरह चला रहे: भाजपा

राहुल गांधी चुनावी हार का ठीकरा निर्वाचन आयोग पर फोड़ रहे, कांग्रेस को तानाशाह की तरह चला रहे: भाजपा

राहुल गांधी चुनावी हार का ठीकरा निर्वाचन आयोग पर फोड़ रहे, कांग्रेस को तानाशाह की तरह चला रहे: भाजपा
Modified Date: September 24, 2026 / 01:43 pm IST
Published Date: September 24, 2026 1:43 pm IST

चेन्नई, 24 सितंबर (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय प्रवक्ता सी.आर. केसवन ने बृहस्पतिवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वह अपनी पार्टी की चुनावी हार का ठीकरा निर्वाचन आयोग और विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया पर फोड़ने के लिए ‘‘तिनके का सहारा’’ ले रहे हैं।

केसवन ने एक वीडियो बयान में दावा किया कि गांधी निर्वाचन आयोग पर हमला इसलिए कर रहे हैं ताकि लगातार हार के लिए अपनी व्यक्तिगत जिम्मेदारी से बच सकें।

उन्होंने कहा, ‘‘राहुल गांधी डूबते को तिनके का सहारा ढूंढ़ रहे हैं, वह कांग्रेस पार्टी को मिली ज़बरदस्त चुनावी हार का ठीकरा एसआईआर प्रक्रिया और निर्वाचन आयोग पर फोड़ने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि असल में इसके लिए राहुल गांधी ही ज़िम्मेदार हैं।’’

निर्वाचन आयोग के भीतर कथित मतभेद पर गांधी की टिप्पणी को लेकर निशाना साधते हुए केसवन ने कहा कि जो लोग अपनी पार्टी को ‘‘तानाशाह’’ की तरह चलाते हैं, वे लोकतांत्रिक संस्थाओं में अलग-अलग विचारों की अवधारणा को नहीं समझ सकते।

भाजपा प्रवक्ता ने कहा, ‘‘ राहुल गांधी और उनका परिवार, जो कांग्रेस पार्टी पर किसी तानाशाह की तरह राज करते हैं, वे लोकतांत्रिक संस्थाओं में अलग राय और अलग विचारों की बात को भला कैसे समझ सकते हैं?’’

उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता और उनकी पार्टी को ‘‘अत्यंत एकतरफा लेख’’ पर ‘‘जल्दबाजी में प्रतिक्रिया देने और उसका सहारा लेने’’ के कारण मुंह की खानी पड़ी जब कल ही निर्वाचन आयोग की प्रेस विज्ञप्ति से उनके दावों की ‘‘सच्चाई की परख’’ हो गई।

केसवन ने एक जैसे पैटर्न का आरोप लगाते हुए कहा कि गांधी लंबे समय से ‘‘संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम कर रहे हैं, एसआईआर प्रक्रिया की कड़ी आलोचना कर रहे हैं और संवैधानिक अधिकारियों को डरा-धमका भी रहे हैं।’’

भाजपा प्रवक्ता ने कहा, ‘‘ध्यान देने वाली बात यह है कि राहुल गांधी अब तक अपने बेबुनियाद आरोपों को साबित करने के लिए हलफनामा दायर करने की हिम्मत नहीं जुटा पाए हैं।’’

उन्होंने याद दिलाया कि उच्चतम न्यायालय ने इस साल मई में एसआईआर प्रक्रिया की संवैधानिक वैधता को सही ठहराया था।

केसवन ने सवाल किया कि गांधी ‘‘मतदाता सूची से अयोग्य, अवैध और फर्जी मतदाताओं को सही तरीके से हटाने’’ का विरोध क्यों कर रहे हैं।

भाषा

राजकुमार नेत्रपाल

नेत्रपाल


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