नयी दिल्ली, 20 अगस्त (भाषा) भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) द्वारा अहमदाबाद में एक ऐसे मामले का खुलासा किए जाने के बाद उत्तर रेलवे ने स्टेशनों पर लिफ्ट और स्वचालित सीढ़ियों (एस्केलेटर) की निगरानी बढ़ा दी है, जहां यात्रियों को अपनी सेवाएं लेने के लिए मजबूर करने के मकसद से कुलियों ने ट्रेन आने से ठीक पहले चालू एस्केलेटर को जानबूझकर बंद कर दिया था।
हाल ही में संसद में पेश अपनी रिपोर्ट में कैग ने कहा कि सात मार्च 2025 को पश्चिम रेलवे के अहमदाबाद स्टेशन पर ऑडिट के दौरान देखा गया कि प्लेटफॉर्म नंबर दो पर सुबह 6.43 बजे एक कुली ने चाबी लगाकर चालू एस्केलेटर को जानबूझकर रोक दिया था।
रिपोर्ट के अनुसार, सुबह 6.45 बजे ट्रेन नंबर 12298 (दुरंतो एक्सप्रेस) से आए यात्रियों को एस्केलेटर बंद होने के कारण परेशानी का सामना करना पड़ा। ऑडिट में पाया गया कि यह हरकत कुलियों ने यात्रियों को अपना सामान ढुलवाने के लिए मजबूर करने के उद्देश्य से की थी।
इसमें कहा गया है, “सीसीटीवी फुटेज की जांच की गई और स्टेशन अधिकारी ने इस बात को स्वीकार किया। अधिकारी ने यह भी बताया कि हालांकि आरडीएसओ (अनुसंधान अभिकल्प एवं मानक संगठन) के मानकों के अनुसार विशेष या निर्धारित चाबियां मौजूद हैं, लेकिन अज्ञात लोगों द्वारा चाबी लगाने की जगह (की-स्लॉट) के साथ बार-बार छेड़छाड़ की जाती है।”
कैग ने हालांकि दक्षिण रेलवे के मदुरै जंक्शन की सराहना की, जहां सीसीटीवी कैमरों के जरिए एस्केलेटर के सुचारू संचालन की लगातार निगरानी की जाती है।
रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि ‘रेल मदद’ ऐप के जरिए विभिन्न स्टेशनों से यात्रियों की ऐसी शिकायतें मिलने के बाद ट्रेनों के आगमन और प्रस्थान के दौरान निगरानी तेज कर दी गई है।
उत्तर रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इसके अलावा, उन लिफ्ट और स्वचालित सीढ़ियों को भी सीसीटीवी के दायरे में लाया जा रहा है जो अब तक कैमरों की पहुंच से बाहर थीं।
उत्तर रेलवे ने यह भी बताया कि उसने कुलियों द्वारा निर्धारित दरों से अधिक पैसे वसूलने पर रोक लगाने के लिए औचक और गुप्त जांच शुरू की है। हाल ही में नयी दिल्ली, पुरानी दिल्ली, हजरत निजामुद्दीन और आनंद विहार टर्मिनल पर की गई जांच के दौरान 13 कुली यात्रियों से ज्यादा पैसे ऐंठते पकड़े गए।
उत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी हिमांशु शेखर उपाध्याय ने बताया कि नियमों का उल्लंघन करने वाले कुलियों के बिल्ले तुरंत प्रभाव से जब्त करने और उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई का प्रस्ताव दिया गया है।
भाषा सुमित प्रशांत
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