राजशेखर रेड्डी ने आंध्र प्रदेश में ‘ईंट-ईंट जोड़कर’ कांग्रेस को खड़ा किया था: खरगे

राजशेखर रेड्डी ने आंध्र प्रदेश में ‘ईंट-ईंट जोड़कर' कांग्रेस को खड़ा किया था: खरगे

राजशेखर रेड्डी ने आंध्र प्रदेश में ‘ईंट-ईंट जोड़कर’ कांग्रेस को खड़ा किया था: खरगे
Modified Date: September 2, 2026 / 08:45 pm IST
Published Date: September 2, 2026 8:45 pm IST

नयी दिल्ली, दो सितंबर (भाषा) कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने बुधवार को आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री वाई. एस. राजशेखर रेड्डी के योगदान को याद करते हुए कहा कि वह पार्टी के प्रति समर्पित थे और राज्य में कांग्रेस को “ईंट-ईंट जोड़कर” खड़ा किया था।

उन्होंने ‘डॉ. वाई. एस. राजशेखर रेड्डी पुरस्कार-2026’ समारोह में यह भी कहा कि रेड्डी ने उस समय पार्टी को मजबूत किया जब वह “मुश्किल दौर” से गुजर रही थी। कांग्रेस अध्यक्ष ने इस बात का उल्लेख किया कि 2004 में मुख्यमंत्री बनने से पहले रेड्डी ने भीषण गर्मी में 1,400 किलोमीटर से अधिक की पदयात्रा की और लोगों से सीधे संवाद किया।

खरगे ने कहा कि राजशेखर रेड्डी का मानना था कि सरकार का उद्देश्य आम लोगों को “गरिमा, सुरक्षा और अवसर” देना है। उन्होंने कहा, “सत्ता में आने के बाद भी रेड्डी अपने संघर्ष के उद्देश्य को नहीं भूले।”

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि रेड्डी ने ‘आरोग्यश्री’ योजना के जरिये गरीब परिवारों तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाईं, इंदिरम्मा इल्लु के जरिए गरीबों के लिए घर बनाए, भूमिहीनों को जमीन देने के लिए काम किया और किसानों को मुफ्त बिजली उपलब्ध कराई।

खरगे का कहना था कि राजशेखर रेड्डी का जीवन कांग्रेस और सबसे गरीब लोगों के प्रति समर्पित था।

उन्होंने कहा कि रेड्डी के निधन के 17 साल बाद उनकी स्मृति में ऐसे संस्थान को सम्मानित करना उचित है जो इस विचार को साझा करता है कि “किसी किसान और किसी गरीब परिवार को पीछे नहीं छोड़ा जाना चाहिए।”

इस वर्ष का डॉ. वाई. एस. राजशेखर रेड्डी पुरस्कार एम. एस. स्वामीनाथन रिसर्च फाउंडेशन को दिया गया।

राजशेखर रेड्डी कांग्रेस के वरिष्ठ नेता थे और वह 2004 से 2009 तक आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे। वर्ष 2009 में हेलीकॉप्टर दुर्घटना में उनका निधन हो गया।

उनके निधन के बाद पुत्र जगमोहन रेड्डी ने कांग्रेस छोड़कर वाईएसआर कांग्रेस पार्टी बनाई और प्रदेश के मुख्यमंत्री बने। वर्तमान में राजशेखर रेड्डी की पुत्री वाईएस शर्मिला आंध्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष हैं।

खरगे ने कहा कि आंध्र के पूर्व मुख्यमंत्री के नाम पर यह सम्मान राजशेखर रेड्डी और कृषि वैज्ञानिक एम. एस. स्वामीनाथन के विचारों को जोड़ता है, क्योंकि दोनों का मानना था कि विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए।

उन्होंने स्वामीनाथन को भारतीय कृषि में बदलाव लाने वाला वैज्ञानिक बताते हुए कहा कि उनका दृष्टिकोण केवल अधिक खाद्य उत्पादन तक सीमित नहीं था।

खरगे ने स्वामीनाथन की “हरित क्रांति” की अवधारणा का उल्लेख करते हुए कहा कि इसका उद्देश्य धरती को नुकसान पहुंचाए बिना अधिक खाद्यान्न उत्पादन करना था। उन्होंने कहा कि ‘स्वामीनाथन रिसर्च फाउंडेशन’ ने ग्रामीण और आदिवासी समुदायों के साथ काम करते हुए कृषि, तकनीक, बाजार पहुंच, आजीविका, पोषण, महिला सशक्तीकरण और जलवायु अनुकूलन जैसे क्षेत्रों में काम किया है।

इस कार्यक्रम में तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी, कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश और पार्टी का कई अन्य वरिष्ठ नेता मौजूद थे।

भाषा हक प्रशांत

प्रशांत


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