जयपुर, चार जून (भाषा) राजस्थान भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने बृहस्पतिवार को सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी सुबोध अग्रवाल के खिलाफ कथित बहु-करोड़ जल जीवन मिशन घोटाले के मामले में आरोप पत्र दाखिल किया।
अधिकारियों ने बताया कि यह आरोप पत्र करीब 17,500 पन्नों का है और इसे जयपुर स्थित एसीबी अदालत संख्या-1 में दाखिल किया गया।
एसीबी महानिदेशक पुलिस गोविंद गुप्ता के अनुसार, विशेष जांच दल की जांच में खुलासा हुआ कि सार्वजनिक स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (पीएचईडी) के अधिकारियों और निजी व्यक्तियों की मिलीभगत से लगभग 979.27 करोड़ रुपये के ठेके फर्जी दस्तावेज और मनगढ़ंत पूर्णता प्रमाणपत्रों के आधार पर हासिल किए गए।
उन्होंने बताया कि जांच में खुलासा हुआ कि ठेके की शर्तों में नियमों का उल्लंघन कर हेरफेर किया गया, जिससे प्रतिस्पर्धा प्रभावित हुई और पारदर्शिता से समझौता हुआ और बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताएं सामने आईं।
इससे पहले एसीबी 10 आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल कर चुकी है।
जांच पूर्व मंत्री महेश जोशी और अन्य व्यक्तियों के खिलाफ भी जारी है।
अधिकारियों ने बताया कि सबूत वरिष्ठ अधिकारियों, ठेकेदारों और निजी व्यक्तियों की मिलीभगत की ओर इशारा करते हैं, जिन्होंने 50 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य वाले ठेकों में अनिवार्य साइट विजिट प्रमाणपत्र जैसी अनियमित शर्तें लागू की गईं।
इस प्रक्रिया से कथित तौर पर बोलीदाताओं की पहचान उजागर हुई, मिलीभगत को बढ़ावा मिला और 30-40 प्रतिशत तक असामान्य प्रीमियम वसूले गए। जांच में अब तक लगभग 20,000 करोड़ रुपये के ठेकों में अनियमितताएं की बात सामने आई हैं।
आरोप पत्र को अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महावीर प्रसाद द्वारा, पुलिस उप महानिरीक्षक रामेश्वर सिंह और विशेष जांच दल की देखरेख में दाखिल किया गया।
एसीबी ने कहा कि जांच पूरी होने के बाद नियमों के अनुसार आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
भाषा बाकोलिया धीरज
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