WFI Suspends 5 Wrestlers: WFI का बड़ा एक्शन, फर्जी दस्तावेजों के चलते 5 खिलाड़ियों पर गिरी गाज, लिस्ट में कई दिग्गज शामिल

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WFI Suspends 5 Wrestlers: WFI का बड़ा एक्शन, फर्जी दस्तावेजों के चलते 5 पहलवान निलंबित, लिस्ट में कई दिग्गज शामिल

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  • Publish Date - June 4, 2026 / 07:38 PM IST,
    Updated On - June 4, 2026 / 10:27 PM IST

WFI Suspends 5 Wrestlers/AI Generated Image

HIGHLIGHTS
  • WFI ने फर्जी जन्म प्रमाण पत्र मामले में 5 पहलवानों को 4 साल के लिए निलंबित किया
  • अंडर-20 एशियाई चैंपियनशिप ट्रायल विजेता दीपांशु भी कार्रवाई की जद में
  • रेफरी जयबीर को भी हितों के टकराव के आरोप में कारण बताओ नोटिस जारी

WFI Suspends 5 Wrestlers: भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) ने फर्जी जन्म प्रमाण पत्र जमा करने के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए पांच पहलवानों को चार साल के लिए निलंबित कर दिया है। निलंबित किए गए खिलाड़ियों में अंडर-20 एशियाई चैंपियनशिप ट्रायल विजेता दीपांशु भी शामिल हैं। जिनके जन्म प्रमाणपत्र सत्यापन प्रक्रिया के दौरान फर्जी पाये गए। थाइलैंड के पटाया में 27 जून से होने वाली चैम्पियनशिप के लिए बुधवार को पुरूषों के फ्रीस्टाइल 65 किलोवर्ग में जीत दर्ज करने वाले दीपांशु की जगह पवन बालाजी धायगुड़े को जगह दी गई है।

किन पहलवानों पर कार्रवाई हुई है?

WFI Suspends 5 Wrestlers तनुज अंतिल, बलजोत सिंह, निखिल दलाल और 86 किलोवर्ग के फाइनल में पहुंचने वाले साकेत ड्राल को भी निलंबित किया गया है। फाइनल से उसे हटाकर साहिल दलाल को जगह दी गई थी जिसने भारतीय टीम में स्थान पाया।

डब्ल्यूएफआई अध्यक्ष संजय सिंह द्वारा जारी आदेश में महासंघ ने कहा कि राष्ट्रीय कुश्ती चैम्पियनशिप में भागीदारी की पात्रता हासिल करने के लिये पहलवानों द्वारा फर्जी जन्म प्रमाणपत्र जमा करने को उन्होंने काफी गंभीरता से लिया है। डब्ल्यूएफआई ने कहा कि हाल के महीनों में कई मामलों में जन्म प्रमाण पत्रों में विसंगतियां सामने आई हैं जिसके चलते निलंबन हुए और प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक तथा सोशल मीडिया में भी ये मामले छाये रहे।

WFI Suspends 5 Wrestlers महासंघ ने नोटिस में कहा ,कार्रवाई होने के बावजूद भी कुछ पहलवान राष्ट्रीय टूर्नामेंटों में फर्जी दस्तावेज जमा करते रहे। महासंघ ने कहा कि रजिस्ट्रार (जन्म और मृत्यु), नगर निगम, चंडीगढ़ के साथ किए गए सत्यापन से इस बात की पुष्टि हुई है कि पांच पहलवानों द्वारा जमा किए गए जन्म प्रमाण पत्र असली नहीं थे और संबंधित रिकॉर्ड सरकारी रजिस्टरों में नहीं मिल पाए।

डब्ल्यूएफआई ने इन पहलवानों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की घोषणा की और उन्हें कुश्ती से जुड़ी सभी गतिविधियों से त्वरित प्रभाव से चार साल के लिये निलंबित कर दिया। एक अन्य घटनाक्रम में महासंघ ने डब्ल्यूएफआई रैफरी आयोग के सदस्य रैफरी जयबीर को 31 मई को लखनऊ में हुए एशियाई खेलों के चयन ट्रायल के दौरान बदसलूकी और हितों के कथित टकराव को लेकर कारण बताओ नोटिस जारी किया है ।

WFI Suspends 5 Wrestlers नोटिस के अनुसार जयबीर को ट्रायल्स के लिए रैफरी नियुक्त किया गया था और वे उस मैट पर यह भूमिका निभा रहे थे, जहां ग्रीको रोमन मुकाबले आयोजित किए जा रहे थे। उनके बेटे रौनक दहिया ने 130 किलोग्राम ग्रीको रोमन श्रेणी में हिस्सा लिया था। महासंघ ने आरोप लगाया कि 130 किलोवर्ग के आखिरी मुकाबले में जयबीर ने रैफरी की किट हटाकर अपने बेटे के कोच की भूमिका निभाई जबकि टूर्नामेंट से बतौर रैफरी जुड़े रहे।

जयबीर को 10 जून तक यह स्पष्टीकरण देने के लिये कहा गया है कि उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई क्यो नहीं की जाये। जयबीर इस समय मंगोलिया में तीसरे रैकिंग टूर्नामेंट में हैं जो नौ जून को खत्म होगा। इसके बाद महासंघ का फैसला आने तक वह अस्थायी तौर पर निलंबित रहेंगे।

 

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WFI ने कितने पहलवानों को निलंबित किया है?

डब्ल्यूएफआई ने फर्जी जन्म प्रमाण पत्र मामले में 5 पहलवानों को चार साल के लिए निलंबित किया है।

किन पहलवानों पर कार्रवाई हुई है?

दीपांशु, तनुज अंतिल, बलजोत सिंह, निखिल दलाल और साकेत ड्राल पर कार्रवाई की गई है।

दीपांशु को क्यों निलंबित किया गया?

जन्म प्रमाण पत्र सत्यापन के दौरान उनके दस्तावेज फर्जी पाए जाने के बाद कार्रवाई की गई।

अंडर-20 एशियाई चैंपियनशिप में दीपांशु की जगह किसे मौका मिला?

उनकी जगह पवन बालाजी धायगुड़े को भारतीय टीम में शामिल किया गया है।

रेफरी जयबीर को नोटिस क्यों जारी किया गया?

उन पर चयन ट्रायल के दौरान हितों के टकराव और आचार संहिता के उल्लंघन का आरोप लगाया गया है।